सरकारी तालाब पर बने अवैध निर्माण को ढहाए जाने से खुन्नस खाए कब्जेदार ने शिकायतकर्ता के घर बमबाजी की। आधी रात हुए धमाकों से धूमनगंज के नीवां में सनसनी फैल गई। जब तक पुलिस पहुंची हमलावर भाग चुके थे। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत चार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
नीवा स्थित कंधईपुर में रहने वाले वीरेंद्र कुमार यादव प्राइवेट काम करते हैं। उनका आरोप है कि मोहल्ले में ही रहने वाले रामलखन यादव ने गांव में स्थित सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर स्कूल बनवाया हुआ था। इसकी शिकायत उन्होंने संबंधित अधिकारियों से की। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर 24 फरवरी को अवैध निर्माण जिला प्रशासन की ओर से ढहा दिया गया।
इसी को लेकर आरोपी उससे खुन्नस खाया हुआ था। बताया कि बुधवार रात 12 बजे के करीब घर के सभी लोग सो रहे थे। इसी दौरान अचानक घर के बाहर पहुंचे हमलावरों ने उनके दरवाजे पर बम फोड़ना शुरू कर दिया। एक के बाद एक तीन बम धमाकों से मोहल्ले में सनसनी फैल गई। सूचना देने पर पहले 112 और फिर धूमनगंज पुलिस पहुंची। हालांकि तब तक हमलावर भाग चुके थे। उधर भुक्तभोगी ने धूमनगंज थाने पहुंचकर रामलखन, उसकी पत्नी रेनू राज व दो बेटों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। हालांकि 24 घंटे बाद भी पुलिस मामले में गिरफ्तारी नहीं कर सकी। सीओ सिविल लाइंस वृजनारायण सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पहले भी हुआ हमला, दर्ज की थी एनसीआर
भुक्तभोगी का आरोप है कि अवैध कब्जे की शिकायत पर आरोपी व उसके बेटे उससे खुन्नस खाए हुए थे। 11 फरवरी को भी उन्होंने उसकी लाठी-डंडों से बेतहाशा पिटाई की थी। इसकी शिकायत भी की गई लेकिनि धूमनगंज पुलिस ने मामले में सिर्फ एनसीआर दर्ज की।