उधर हमलावर घटना के बाद पत्थर गिरिजाघर की ओर भाग निकले। गौरतलब है कि जहां यह घटना हुई, वह जगह सिविल लाइंस थाने से बमुश्किल 150 मीटर की दूरी पर है। सूचना मिली तो पुलिस सक्रिय हुई और फिर पूरे शहर में नाकेबंदी के आदेश दिए गए। कुछ देर बाद घेराबंदी कर स्कूटीसवार तीनों हमलावरों को हिरासत में ले लिया गया।
इसके बाद इन्हें कैंट थाने ले जाया गया जहां एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइंस भी पहुंचे और उनसे पूछताछ की। देर रात तक पुलिस उनकी तलाश में लगी रही। उधर सीओ सिविल लाइंस अभिषेक भारती ने बताया कि स्कूटीसवार तीन युवकों ने बमबाजी की है। उनकी तलाश की जा रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनसे पूछताछ जारी है।
स्कूटी से हटा दी थी नंबर प्लेट
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हमलावरों की तस्वीर मिली। जांच पड़ताल में यह भी पता चला कि घटना में काले रंग की स्कूटी प्रयुक्त हुई। साथ ही इसकी आगे और पीछे दोनों तरफ की नंबर प्लेट हटा दी गई थी। उधर सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने एक बम भी बरामद किया।
बीएचएस वाली घटना में भी प्रयुक्त हुई थी स्कूटी
सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए तीनों युवकों ने पूछताछ में कई अहम राज उगले हैं। इस बात की भी आशंका है कि उक्त लोगों ने ही चार दिन पहले ब्वॉयज हाईस्कूल गेट पर बमबाजी की वारदात को अंजाम दिया हो। दरअसल सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि उस घटना में भी हमलावरों ने स्कूटी का ही इस्तेमाल किया था। इसी तरह तेलियरगंज में 16 जुलाई को महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर स्कूल गेट पर हुई बमबाजी में भी इन्हीं का हाथ होने की आशंका है।
तीनों नाबालिग, 15 लोगों का है गैंग, तलाश में दबिश
सूत्रों का यह भी कहना है कि पूछताछ में तीनों ने यह बात बताई है कि उनका कुल 15 लोगों का गैंग है। खास बात यह है कि तीनों नाबालिग हैं और छात्र भी हैं। उनसे मिली जानकारी के आधार पर उनके साथियों की तलाश में पुलिस टीमें देर रात तक दबिश देती रहीं।