प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज में नीलिमा श्रीवास्तव की मौत और उसके बाद की घटनाओं ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया है। 70 वर्षीय नीलिमा का शव 15 दिनों से अधिक समय तक घर में पड़ा रहा। इस दौरान मानसिक रूप से अस्वस्थ उनकी बहन पूनम श्रीवास्तव अकेले उनके साथ रही लेकिन आसपास और लोगों को इसका अहसास तब हुआ जब शव से दुर्गंध उठने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
घर में बड़ी बहन नीलिमा की मौत और शव से उठने वाली दुर्गंध के बीच पूनम मोहल्ले में भी घूमती रही लेकिन न तो उसने किसी से जिक्र किया, न ही आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई।
दुर्गंध से परेशान पड़ोसियों की सूचना पर शुक्रवार को पुलिस घर के अंदर गई तो शव पूरी तरह सड़ चुका था और उस पर कीड़े लगे थे। शव में हड्डियां दिखाई दे रहीं थीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पोस्टमार्टम में भी मौत की सही वजह का पता नहीं
शनिवार को रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि शव की हालत इतनी खराब थी कि पोस्टमार्टम में भी मौत की सही वजह पता नहीं चल सकी है।
नीलिमा की मौत 15 से 18 दिन पहले हुई
उनका अनुमान है कि नीलिमा की मृत्यु 15 से 18 दिन पहले हुई थी। नीलिमा और पूनम अविवाहित थीं। परिवार के अन्य सदस्यों का पहले ही निधन हो चुका था। पिता रेलवे में काम करते थे और उनकी पेंशन से दोनों बहनों का जीवन चलता था।
घटना के बाद, मोहल्ले के लोग यह जानकर हैरान हैं कि पूनम अपनी बड़ी बहन के मौत की जानकारी इतने दिनों तक किसी को नहीं दे सकी और इतने लंबे समय तक अकेले साथ रही।
शनिवार को शव के पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों ने नीलिमा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन गुमनाम मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है।