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Prayagraj : घर लाया गया दंपती का शव, एक ही चिता पर किया गया अंतिम संस्कार

Fri, 30 Jan 2026 07:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

ग्रेटर नोएडा के सादुल्लापुर गांव में विशाक्त पदार्थ खाने से मौत के गाल में समाए पति पत्नी का शव शुक्रवार की सुबह एयरपोर्ट थाना के असरावे कला गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
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चिता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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ग्रेटर नोएडा के सादुल्लापुर गांव में विशाक्त पदार्थ खाने से मौत के गाल में समाए पति पत्नी का शव शुक्रवार की सुबह एयरपोर्ट थाना के असरावे कला गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर करीब बारह बजे एक ही चिता पर दंपति का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेहद ही मिलनसार बेटे और बहू की इस प्रकार मौत होने पर परिजन कुछ भी नहीं बोल सके। मृतक दंपति के बच्चे अभी भी ग्रेटर नोएडा में रिश्तेदारों के साथ हैं।

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एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के असरावे कला निवासी अमरनाथ पाल के तीन बेटे प्रेमचंद्र, श्रवण पाल और अजय पाल में श्रवण दूसरे नंबर का बेटा था। बारह साल पहले उसकी शादी पीपलगांव निवासी भगवानदीन पाल की बेटी नीलम के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही वह अपनी पत्नी को लेकर ग्रेटर नोएडा चला गया और यहीं पर वह एक प्रिंटिंग प्रेस के कारखाने में काम करने लगा था। परिजनों ने बताया कि श्रवण मेहनती था और उसने हाल ही में सादुल्लापुर गांव में अपना निजी मकान भी बना लिया था।

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तीन बच्चों में बड़ी बेटी वैश्णवी, लाडो और बेटा वैभव है। एक सप्ताह पहले श्रवण को कुछ परेशानी हुई थी तो उसने घर में पिता अमरनाथ को फोन कर जानकारी दी थी। इस पर पिता ने परिवार सहित घर आने की बात कही लेकिन श्रवण ने सब कुछ ठीक होने की बात कहकर घर नहीं आया। बुधवार की रात श्रवण ने पिता को दोबारा फोन करके जानकारी दी कि उसकी पत्नी नीलम की हालत ठीक नहीं है और वह कुछ बोल भी नहीं पा रही है। इसके साथ उसने यह भी बताया था कि उसको भी चक्कर जैसा आ रहा है और कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा है।

इस पर परिवार के लोग परेशान हो गए। कई बार फोन लगाने के बाद जब श्रवण का फोन नहीं उठा तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। बृहस्पतिवार की सुबह भोर में जब श्रवण की बड़ी बेटी वैश्णवी ने फोन उठाया तो उसने पूरी जानकारी अमरनाथ को दी। इस पर परिजनों ने ग्रेटर नोएडा में रहने वाले रिश्तदारों को श्रवण के घर भेजा। जब रिश्तेदार श्रवण के घर पहुंचे तो वहां का नजारा देख कर सन्न रह गए। परिजनों ने बताया कि श्रवण के तीनों बच्चे ग्रेटर नोएडा में रिश्तेदारों के पास सकुशल हैं।

दस दिन पहले चचेरे भाई ने जहर खाकर दे दी थी जान

असरावे कला गांव में मृतक श्रवण पाल के चचेरे भाई पवन पाल ने भी विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दिया था। इस सम्बंध में परिजनों ने बताया कि दस दिन पहले हुई घटना से घर के लोग उबर नहीं पाए थे कि बृहस्पतिवार की इस मनहूस खबर ने फिर से कोहराम मचा दिया।
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