बसवार गांव के एक किशोर और एक किशोरी के क्षत-विक्षत शव बृहस्पतिवार सुबह गांव के सामने से गुजरे रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले। दोनों बुधवार शाम से लापता थे। गांव में चर्चा है कि दोनों के बीच नजदीकी रिश्ता था। वह शादी करना चाहते थे।
पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय किशोर पिता के बालू के कारोबार में हाथ बंटाता था। बुधवार शाम को वह घर से बिना किसी को कुछ बताए कहीं चला गया था। रातभर उसकी तलाश की गई। बृहस्पतिवार सुबह उसकी खोजबीन हो रही थी तभी पता चला कि रेलवे ट्रैक पर किशोर और किशोरी के शव पड़े हैं।
परिवार के लोग रेलवे ट्रैक पर पहुंचे तो दोनों के शव पुलिस ले जा चुकी थी। परिजन घूरपुर थाने पहुंचे। वहां कपड़े और सामान देखकर शव की पहचान की। थोड़ी देर बाद पता चला कि घर के पास की 15 वर्षीय किशोरी भी रात से ही लापता है। उसके परिजन भी तलाश कर रहे थे। उन्हें घटना की जानकारी हुई तो वह भी थाने पहुंचे। कपड़े से ही किशोरी के शव की भी पहचान की गई।
लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से दोनों में नजदीकी रिश्ता था। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन वे गैर बिरादरी थे। घटना के संबंध में गांव में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
किशोर के घरवालों ने बताया कि वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़ा भाई मुंबई में निजी कंपनी में काम करता है। बाकी दो भाई छोटे हैं। किशोरी के घरवालों ने बताया कि उसने आठवीं तक पढ़ाई की थी। एक वर्ष से घर पर मां का हाथ बंटा रही थी। घटना के कारण पर दोनों ही परिवारों की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई।
घूरपुर थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर किशोर-किशोरी की ट्रेन से कटकर मौत की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।
जिद्दी था किशोर
गांव वाले बताते हैं कि किशोर बचपन से ही जिद्दी स्वभाव का था। वह जो जिद कर लेता था, उसे पूरा करके ही मानता था। बड़े भाई ने कई बार मुंबई चलकर कुछ कामकाज करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं गया।