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सीएए के विरोध में 11 दिन धरना जारी

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Bodies left from the streets, flocked to the park - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। मंसूर अली पार्क में सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रहे महिलाओं का प्रदर्शन दिन पर दिन विस्तार लेता जा रहा है। 11वें दिन भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध जताया। करेली, रोशनबाग, अकबरपुर सहित कई इलाकों की महिलाओं ने जुलूस निकाला और मंसूर अली पार्क पहुंचकर वहां पहले से चल रहे प्रदर्शन को समर्थन दिया। इस दौरान महिलाओं ने देश और प्रदेश की सरकार के विरोध में नारे भी लगाए। इसके अलावा जेएनयू के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनकारियों में जोश भरा। वहीं विधान परिषद सदस्य बासुदेव यादव सहित कई राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारियों ने भी सीएए और एनआरसी की खिलाफत की।
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बुधवार को भी महिलाओं का प्रदर्शन दिन चढ़ने के साथ व्यापक होता गया। दोपहर में सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद मंसूर अली पार्क में देश में अमन-चैन के लिए दुआएं मांगीं। वहीं देर रात तक पार्क में लोगों को आवाजाही जारी रही। आंदोलन के समर्थन में पहुंचे बासुदेव यादव ने गृहमंत्री अमित शाह के बयानों की निंदा की। कहा कि पीएम और गृहमंत्री दोनों अपने विरोधीभाषी बयान से देश को गुमराह कर रहे हैं। सपा नेता निधि यादव ने कहा कि लड़ाई लंबी जरूर है, लेकिन हौसले से डिगने की जरूरत नहीं है। जेएनयूएसयू काउंसलर आफरीन फातिमा ने कहा कि मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। छात्र एक्टिविस्ट स्नेहाशीष ने कहा कि विद्यार्थियों के बहे खून का हिसाब सरकार को देना होगा। जेएनयू छात्र एक्टिविस्ट इफ्ता खान, सबा महराज, हाईकोर्ट के अधिवक्ता एसजी हसनैन, अधिवक्ता फरमान नकवी, अधिवक्ता केके राय, सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी शिवजी मिश्रा, योग गुरु डॉ. मुतजी, कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला, उमर खालिद, सारा अहमद, अविनाश मिश्र, डॉ. कमल उसरी, डॉ. कहकसा इरफान सहित बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रखी।
पीएम को पत्र, चीफ जस्टिस को भेजा पोस्टकार्ड
प्रदर्शनकारियों ने पीएम को पत्र और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में पोस्टकार्ड भेजा। इसके लिए वहां पार्क के चारों ओर कैंप लगाए गए। कांग्रेसी नेता इरशाद उल्ला ने बताया कि कैंप में हजारों पत्र पीएम के नाम लोगों ने लिखा और उसे एक साथ भेजा गया। चीफ जस्टिस को पोस्टकार्ड भेजने का काम युवाओं ने किया। पोस्टकार्ड पर उन्होंने एनआरसी, एनपीआर ओर सीएए के विरोध में अपनी बातें लिखी हैं।

Bodies left from the streets, flocked to the park- फोटो : CITY DESK

Bodies left from the streets, flocked to the park- फोटो : CITY DESK

Bodies left from the streets, flocked to the park- फोटो : CITY DESK

Bodies left from the streets, flocked to the park- फोटो : CITY DESK

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