12 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने थामा बीएसएनएल का दामन
दो महीने में बीएसएनएल में मोबाइल नंबर पोर्ट कराने वालों की संख्या में हुआ इजाफा
प्रतिदिन दो सौ से अधिक नंबर हो रहे पोर्ट
प्रयागराज। भले ही बीएसएनएल आर्थिक संकट से गुजर रही हो मगर, उसके उपभोक्ताओं में रोजाना तेजी से वृद्धि हो रही है। पिछले दो महीने में ही करीब 12 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने आकर्षक ऑफर देने वालीं निजी कंपनियों को छोड़कर बीएसएनएल का दामन थाम लिया है। इसके पीछे एक बड़ा कारण बीएसएनएल की सेवाओं का सस्ता होना भी है।
बीएसएनएल के आंकड़ों के मुताबिक रोजाना नंबर पोर्ट होेने वालों की संख्या दो सौ से अधिक है। यह सिलसिला दो महीने से चल रहा है। नंबर पोर्ट कराने पर उपभोक्ताओं को एक सिम भी लेना होता है। बीएसएनएल कर्मचारी दूसरी कंपनियों के नंबर को पोर्ट कर बीएसएनएल सिम पर कॉल, मैसेज, नेट सहित अन्य सेवाओं को एक्टिवेट कर देते हैं। उपभोक्ताओं से नए सिम के बदले 110 रुपये लिए जा रहे हैं। जो कि उनके मुताबिक फायदेमंद है।
जानकारों के मुताबिक नंबर पोर्ट कराने की सबसे बड़ी वजह कंपनियों के अस्तित्व पर उठ रहे सवाल से है। उपभोक्ताओं के पास अब सेल्युलर सेवाओं को चुनने का ज्यादा आप्शन नहीं रह गया है। इसके अलावा कॉल न मिलना, कॉल डायवर्ट होना जैसी समस्याएं ज्यादा हैं। लिहाजा, लोग बीएसएनएल पर भरोसा जताकर अपना नंबर पोर्ट करा रहे हैं।
एसडीओ विनोद सिंह कहते हैं कि बीएसएनएल के उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार इन दिनों इजाफा हुआ है। जिसका 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा नंबर पोर्ट कराना है। बीएसएनएल कार्यालय के साथ रिटेल की दुकानों पर भी नंबर पोर्ट कराया जा रहा है। रिटेलर विनय पांडेय कहते हैं कि नंबर पोर्ट कराने में उपभोक्ताओं को कोई समस्या नहीं है। लोग आसानी से किसी भी दूसरी कंपनी का नंबर पोर्ट करा सकते हैं।