कीडगंज में छपवाते थे स्लिप
सरगना ने बताया कि बेली अस्पताल, ब्लड बैंक की फर्जी स्लिप लगी होने के चलते ब्लड बैग पर तीमारदार व डॉक्टर शक नहीं करते थे। यह स्लिप वह गिरोह के सदस्य अनिल कुमार मिश्रा के बाई का बाग स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छपवाते थे। 11 में से कुछ सदस्य डोनर का इंतजाम करते थे और बाकी उन तीमारदारों को ढूंढ़ते थे, जिन्हें खून की जरूरत होती थी।
आगरा से मंगवाए जाते थे ब्लड बैग
पुलिस अफसरों ने बताया कि खून की तस्करी के खेल के लिए ब्लड बैग आगरा से मंगवाए जाते थे। दरअसल गिरोह का एक सदस्य दिनकर पहले झूंसी में मेडिकल उपकरणों की दुकान चलाता था। उसकी दुकान में ही शानू काम करता था। बाद में शानू खून की तस्करी करने लगा तो दिनकर भी इसमें शामिल हो गया। वह सरगना को 1500 में मिलने वाले ब्लड बैग को आगरा से मंगवाकर आठ हजार में उपलब्ध कराता था। पुलिस ने यह भी बताया कि नियमत: ब्लड बैंक को ही ब्लड बैग दिए जाने चाहिए। लेकिन दिनकर अपने पुराने संपर्क के जरिए इसकी व्यवस्था कर लेता था।
Prayagraj News : पुलिस के हत्थे चढ़े खून की तस्करी करने वाले आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
यह हुए गिरफ्तार
1- शान मोहम्मद उर्फ शानू निवासी झूंसी, हालपता अल्लापुर
2- मो. इमरान निवासी झूंसी
3- हनीफ उर्फ फिरोज निवासी झूंसी
4- संदीप उर्फ दीप निवासी महेवा, नैनी
5- दिनकर त्रिपाठी निवासी लखेसर शाहपुर, सिकरारा जौनपुर
6- प्रभाकर पटेल निवासी मुश्तफाबाद, सरायइनायत
7- रजनीश कुमार निवासी सीर गद्दोपुर, महाराजगंज, जौनपुर
8- आशीष यादव निवासी तवकलपुर, सोरांव
9- विमलेश यादव निवासी रामदास, पट्टी, बिहार, कुंडा प्रतापगढ़
10- सचिन यादव निवासी देवरिया , कप्तानगंज आजमगढ़
11- विशाल पाठक नविासी उपरोक्त
12 अनिल मिश्रा निवासी बाई का बाग, कीडगंज
बरामदगी
128 यूनिट खून, बेली अस्पताल ब्लड बैंक की कूटरचित आठ रसीदबुक, 350 ब्लड बैग की स्लिप, 20 ब्लड बैग, 85 ब्लड सैंपल वॉयल, विभिन्न अस्पतालों के 138 पर्चे