शहर से लेकर देहात तक के अस्पतालों से जुड़े थे तार
खून तस्कर गिरोह ने अपना जाल शहर से लेकर देहात तक के अस्पतालों तक फैला रखा था। इन अस्पतालों के कर्मचारियों को वह कमीशन का लालच देकर अपने साथ जोड़ लेते थे। जैसे ही किसी मरीज को खून की जरूरत होती थी, कर्मचारी तीमारदारों को गिरोह के सदस्यों से संपर्क करा देते थे। इसके साथ ही कई मेडिकल स्टोर संचालक भी गिरोह से जुड़े थे। गिरफ्तार लोगों में शामिल सचिन यादव भी इन्हीं में से एक है। उसका भाई एसआरएन अस्पताल के पास मेडिकल स्टोर चलाता है। सचिन इसी मेडिकल स्टोर में रहने के दौरान ऐसे तीमारदारों को ढूढ़ता था, जिन्हें खून की जरूरत होती थी। इसके बाद वह गिरोह के लोगों से संपर्क करा देता था।