एक तरफ जॉर्जटाउन, टैगोरटाउन में बड़े और साफ-सुथरे बंगले और पांच सौ मीटर की दूरी पर संजय नगर, अलोपीबाग, सोहबतियाबाग रेलवे लाइन के किनारे वाली मलिन बस्ती, जहां नेता भी नाक पर रुमाल रखकर वोट मांगने पहुंचते हैं। एक ओर चमचमाता सिविल लाइंस तो दूसरी ओर इसी इलाके में रहने वाले बदहाल सागरपेशा।
पानी टंकी से अलोपीबाग फ्लाईओवर और हाईकोर्ट अंबेडकर चौराहा से पत्थर गिरजाघर, सिविल लइंस बस अड्डा, सीएमपी डिग्री कॉलेज होते हुए हर्षवर्धन चौराहा मधवापुर तक चकाचक सड़क तो अल्लापुर, दारागंज, सोहबतियाबाग, कटरा, तुलारामबाग, बैरहना, मधवापुर की टूटी-फूटी गलियां। बालसन चौराहा, तेलियरगंज, कटरा, पानी टंकी चौराहे पर जाम की समस्या। यह हाल है शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र का, जिसे पिछले पांच वर्षों में विकास कार्यों के लिए शासन से अरबों रुपये मिले। यहां के विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने क्षेत्र के सुधार में अपनी पूरी विधायक निधि खर्च कर दी, इसके बावजूद क्षेत्र की बड़ी आबादी को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है।
- अल्लापुर, जॉर्जटाउन, टैगोरटाउन को जलभराव की समस्या से नहीं मिली निजात
- सागरपेशा वालों को नहीं मिला वैकल्पिक आवास
- राजकीय आस्थान की भूमि की फ्रीहोल्ड नीति नहीं हो सकी लागू
- रामबाग रेलवे क्रॉसिंग पर जबर्दस्त जाम, नहीं बना फ्लाईओवर
- पानी टंकी से हाईकोर्ट होते हुए गवर्नमेंट प्रेस चौराहा तक फ्लाईओवर का निर्माण
- क्रॉस्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज से नए यमुना पुल तक फ्लाईओवर का निर्माण
- हाथी पार्क, चंद्रशेखर आजाद पार्क का सुंदरीकरण
- एलनगंज, तुलारामबाग में पुलिया निर्माण, अल्लापुर समेत कुछ इलाकों की कॉलोनियों में सुरक्षा गेट का निर्माण
- दारागंज, मधवापुर समेत कुछ इलाकों में गलियों की मरम्मत का काम
- जवाहर लाल नेहरू रोड, एमजी मार्ग, लाजपत राय मार्ग का चौड़ीकरण
मतदाताओं के मन की बात
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‘सिविल लाइंस छोड़ बाकी कहीं काम नहीं दिखता। अल्लापुर में जरा सी बारिश में गली में पानी लग जाता है। सड़कें खोद कर छोड़ दी गई हैं। कूड़ा समय से नहीं उठता है। जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा रहता है। गलियों की हालत तो सबसे बदतर है।’ देवेंद्र सिंह, शिवनगर कॉलोनी अल्लापुर
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‘बिजली की स्थिति में सुधार हुआ है। गलियों की मरम्मत का काम हुआ है। सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है लेकिन पानी गंदा आता है। छोटे पार्कों की बदहाली पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आवारा पशुओं पर नियंत्रण नहीं है।’ आरके सिंह, तुलरामाबाग
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‘सिविल लाइंस में सिर्फ एमजी मार्ग को चमकाया गया और बाकी हिस्सा बदहाल छोड़ दिया गया। बिजली-पानी की समस्या में कोई सुधार नहीं दिखता। गलियां खोदकर छोड़ दी गईं। दिनभर धूल उड़ती रहती है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।’ अंशू केसरवानी, सिविल लाइंस
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‘महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कुछ नहीं हुआ। सागरपेशा वालों को किसी तरह की सरकारी मदद नहीं मिली। जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन में मुख्य मार्ग तो बना दिए गए लेकिन गलियों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। समस्या जस की तस बनी हुई है।’ किरन, जॉर्जटाउन
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शहर उत्तरी में वोटरों की स्थिति
कुल मतदाता-411519
पुरुष मतदाता-228884
महिला मतदाता-182569
थर्ड जेंडर मतदाता-66
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विधायक का जवाब
- शहर उत्तरी के विधायक अनुग्रह नारायण सिंह का कहना है कि शहर में सीवर का काम चल रहा है, जो मार्च 2018 तक पूरा होना है। इसके बाद अल्लापुर, जॉर्जटाउन, टैगोरटाउन में जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी। राजकीय अस्थान की फ्रीहोल्ड नीति बन चुकी है। राजस्व परिषद अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव प्रदेशर सरकार की कैबिनेट को भेज चुका है, लेकिन कैबिनेट में प्रस्ताव अटका है। सागर पेशा वालों के लिए भी काफी संघर्ष किया गया। अब भूमाफिया उन्हें प्रताड़ित नहीं कर रहे। आसरा योजना के तहत 1047 सागपेशा वालों को चिह्नित किया गया है। इन्हें आवास बनाकर मुफ्त में दिए जाने हैं, लेकिन शासन जमीन मुहैया नहीं करा रहा। जहां तक फ्लाईओवर की बात है तो रामबाग क्रॉसिंग पर रेल फ्लाईओवर स्वीकृत हो चुका है। इस वर्ष रेल बजट में इसके लिए धनराशि जारी होने की उम्मीद है। इसके अलावा एमएनएनआईटी में प्रस्तावित फ्लाईओवर को पिछले साल नवंबर में सेना से एनओसी मिल गया है। बक्शीबांध पर रेल ओवर ब्रिज की प्रस्तावित डिजाइन पर सिंचाई विभाग ने आपत्ति लगाई थी। अब इसमें संशोधन किया जा रहा है। ये सभी काम अर्धकुंभ-2019 तक पूरे हो जाएंगे।
1957 में शहर उत्तरी का हुआ गठन
0 प्रदेश में पहला विधानसभा चुनाव 1952 में हुआ। इस चुनाव में इलाहाबाद शहर को दो क्षेत्रों में बांटा गया। एक इलाहाबाद सिटी ईस्ट और दूसरा इलाहाबाद सिटी सेंट्रल। इलाहाबाद शहर उत्तरी सीट का गठन 1957 के चुनाव में हुआ और कांग्रेस के कैलाश नारायण गुप्ता यहां से विधायक चुने गए। इसके बाद 1962, 1967, 1969, 1974, 1980, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा।