इलाहाबाद ब्यूरो। तो क्या काली बैशाखी के चलते मिजाज बदला है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो ‘काली बैशाखी ’ मौसम के बदले मिजाज को लेकर जिम्मेदार है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक काली बैशाखी में तापमान 40 से ऊपर व 43 के आसपास रहता है जो पिछले चार दिनों से बरकरार है। हालांकि पिछले दो दिनों से लू के थपेड़ों से बेहाल शहरियों को ठंडी पछुवा हवाओं ने थोड़ी राहत दे दी।
ठंडी पछुवा का ही असर रहा है कि बुधवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 40.9 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पूर्व अधिकतम तापमान 42.3 डिग्र्री व न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया था। हालांकि पारे के गिरावट का आर्द्रता पर कोई असर नही रहा। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम आर्र्दता 55 फीसदी व न्यूनतम 13 फीसदी दर्ज की गई जो एक दिन पूर्व 84 व 18 प्रतिशत थी।
मौसम विज्ञानियों ने संभावना जतायी है कि मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा है उससे आने वाले दिनों में तेज अंधड़ देखने को मिल सकता है। जैसा कि बिहार में देखने को मिला है। इतना ही नही मौसम का विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान तेजी से बढ़ेगा जिससे गर्मी बढ़ने की संभावना हैं।
बुधवार को पारे में गिरावट जरूर रही लेकिन गर्मी का असर कम नही हुआ। आर्र्दता प्रतिशत गिरने से गर्मी का एहसास हुआ। दिन भर लू के थपेड़ों से शहरी बेहाल रहे।
दूसरी ओर चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए कुछ एहतियात बरतने की जरूरत है। शरीर में पानी की कमी कतई न होने दें, नहीं तो खतरा हो सकता है। मोटरसाइकिल सवारों को चाहिए कि वे पूरे शरीर को ढंकने के साथ ही मुंह में गमछा लपेटकर ही बाइक चलाएं, नही तो लू लगने की पूरी संभावना है।