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लोकसेवा आयोग अध्यक्ष के विरोध में शहरी भी आए

Thu, 23 Apr 2015 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ छात्रों की ओर से बुधवार को आयोजित सभा में शहर के प्रबुद्धजन भी शामिल हुए। वक्ताओं ने अध्यक्ष की कार्यप्रणालि पर सवाल उठाते हुए छात्रों और प्रतियोगियों की हर मांग का समर्थन किया। विधायक, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदि ने राज्यपाल से मिलकर आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा छात्रों की अन्य मांगों से अवगत कराने की बात कही। उन्होंने वर्तमान और पूर्व छात्रनेताओं के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की घोषणा की।
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, अध्यक्ष को हटाने, आयोग की भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच, छात्रों की रिहाई तथा दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन के क्रम में प्रतियोगियों की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन में सभा की घोषणा की गई थी। छात्रों की अपील पर विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्यामकृष्ण पांडेय, रिटायर आईएएस श्रीराम यादव, अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव, पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, व्यापारी नेता शिवशंकर सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष रामरक्षा द्विवेदी, विवि कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष डॉ. संतोष सहाय आदि शामिल हुए और छात्रों के हर संघर्ष में साथ खड़े होने का आश्वासन दिया।

संचालन कर रहे अमरेंदु सिंह ने सभा बुलाने के कारण पर चर्चा की और सहयोग की अपील की। पूर्व विधायक प्रभाशंकर ने कहा कि छात्राें पर हो रहे अन्याय का विरोध किया जाएगा। अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव ने आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने न्यायपालिका में दलील के माध्यम से इस भ्रष्टाचार को उजागर करने की बात कही। विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि अध्यक्ष को हटाने का अधिकार राज्यपाल के पास है। उन्होंने कहा कि  सभी लोग राज्यपाल से मिलेंगे और उनके समक्ष बात रखेंगे। लोक सेवा आयोग जैसी संस्था में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पं. रामनरेश तिवारी पिंडीवासा ने कहा कि बेइमानी के खिलाफ इस लड़ाई में छात्रों की ही जीत होगी।
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पूर्व आईएएस श्रीराम यादव का कहना था कि भर्ती परीक्षाओं को धंधा बना दिया गया है। हर तरफ भ्रष्टाचार है। उन्हाेंने न्यायिक आयोग बनाने की बात कही। श्रीराम ने परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को दूसरे जिले में भेजे जाने का भी विरोध किया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्याम कृष्ण पांडेय ने कहा कि  डॉ. अनिल यादव को हटवाने के लिए जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलेगा। उन्होंने इस मुद्दे पर सभी वर्तमान और पूर्व छात्र नेताओं तथा शहर के अन्य वर्ग के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की बात कही। जल्द ही इस संबंध में बैठक बुलाई जाएगी। सभा में भाजपा नेता शशि वार्ष्णेय, कांग्रेस के अभिषेक शुक्ला, डॉ.राजेश सिंह, सत्यजीत सिंह, दिनेश तिवारी, पूर्व पार्षद कमलेश सिंह आदि शामिल रहे।

आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत कई प्रतियोगियों ने 26 अप्रैल को होने वाली आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2014 के बहिष्कार की घोषणा की है। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के उपाध्यक्ष अनिल उपाध्याय के साथ 10 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं देने की घोषणा की। इससे पहले अवनीश पांडेय आदि भी परीक्षा के बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं।
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