न्याय सब के लिए समान है और न्यायाधीश को सबको समान दृष्टि से देखना चाहिए, इस बात की मिसाल मंगलवार को स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) में देखने को मिली। अभियुक्त थे स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी के चचेरे बड़े भाई और भदोही के भाजपा विधायक रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी।
रवींद्र नाथ आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में जमानत कराने के लिए स्पेशल कोर्ट में उपस्थित हुए। इससे पूर्व उनके हाजिर न होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। स्पेशल कोर्ट ने भाजपा विधायक को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया और प्रकरण की सुनवाई की।
विधायक जब सरेंडर करने कोर्ट के समक्ष पहुंचे तो स्पेशल कोर्ट न्यायाधीश ने उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया, जैसा हाजिर होने वाले अन्य माननीयों के साथ करते हैं। विधायक को अभियुक्तों वाले कटघरे में खड़े होने का हुक्म सुनाया।
रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने भी इसे सहज भाव से लिया और चुपचाप कटघरे में जाकर खड़े हो गए। कोर्ट ने जमानतीय अपराध होने पर जमानत अर्जी मंजूर कर ली और बीस बीस हजार की दो जमानतें और मुचलका दाखिल करने पर रिहा कर दिया ।