महिला व परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी
- फोटो : amar ujala
शनिवार को मेजा तहसील के मीटिंग हाल में आयोजित सांसद डॉ. रीता बहगुणा जोशी की समीक्षा बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कुर्सी की व्यवस्था न होने से नाराज भाजपा मंडल अध्यक्ष आपस में भिड़ गए। कार्यकर्ताओं में जमकर गालीगलौज हुई। खफा सांसद को एसडीएम के चेंबर में योजनाओं की जानकारी लेनी पड़ी।
सायं साढ़े तीन बजे तहसील मुख्यालय मीटिंग हाल में पहुंची सांसद डॉ. रीता बहगुणा जोशी ने कई अफसरों के साथ समीक्षा बैठक शुरू करने की तैयारी की तभी भाजपा के कई मंडल अध्यक्षों ने कुर्सी की व्यवस्था न होने से नाराज होकर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया और बैठक का बहिष्कार करने तक की चेतावनी दे डाली। इस बीच कार्यकर्ताओं में विवाद शुरू हो गया। आपस में गाली-गलौच शुरू हो गई। सांसद ने समझाने की कोशिश की तब भी कार्यकर्ता नहीं माने। सांसद ने एसडीएम चैंबर में बैठक कर कई योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली।
ओलावृष्टि से हुए फसलों को नुकसान और धान क्रय केंद्रों की स्थिति के बारे में पूछताछ की। सांसद ने एसडीएम को निर्देशित किया कि ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए पुन: सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को लाभ पहुंचाया जाए। इस दौरान पूर्व विधायक आनन्द कुमार पाण्डेय, भाजपा नेता जयशंकर पांडेय, बाबा तिवारी, मंडल अध्यक्ष श्यामराज यादव, अखिलेश शुक्ला सहित कई मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। कोहड़ार में क्रय केंद्र स्थापित किए जाने की मांग की गई। भैंया गांव में एक वर्ष से गौ आश्रय स्थल का निर्माण हो रहा है, लेकिन आज भी अधूरा पड़ा है इसकी शिकायत की गई। बैठक के खत्म होने के बाद सांसद ने कार्यकर्ताओं की इस हरकत को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट ऊपर तक भेजूंगी।