सत्ता के गलियारे में कुछ भी संभव है। सूबे की पर्यटन मंत्री रहीं एवं इलाहाबाद की नवनिर्वाचित सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी को मोदी सरकार के मंत्री मंडल का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्हें मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया। इससे भाजपाई भी हतप्रभ हो गए। शपथ ग्रहण समारोह के पूर्व तमाम भाजपाइयों ने सोशल मीडिया के माध्यम से रीता जोशी को मंत्री बनने का बधाई संदेश तक भी वायरल कर दिया, लेकिन शाम सात बजे शपथ ग्रहण समारोह शुरू होते ही रीता जब दिखाई नहीं दी तो भाजपा समेत तमाम शहरियों का चौंकना लाजिमी था।
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री होने की वजह से डा. रीता बहुगणा जोशी और एसपी सिंह बघेल को मोदी कैबिनेट में मंत्री बनाने की चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी। हालांकि पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अब भी इस बात की आस है कि रीता जोशी को मोदी कैबिनेट में विस्तार के साथ ही जगह दी जा सकती है। क्योंकि एनडीए में शामिल जेडीयू और अपना दल का अभी सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं है। ऐसे में मोदी कैबिनेट का विस्तार होगा तो रीता जोशी को भी जगह मिल सकती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता आशीष गुप्ता ने कहा कि दीदी (रीता बहुगुणा) को कैबिनेट में न चुनना चौंकाने वाला रहा।
हालांकि उम्मीद है कि उन्हें सरकार में जगह आगे मिल सकती है। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मुरारी लाल अग्रवाल ने फेसबुक के माध्यम से रीता बहुगुणा जोशी को मंत्री बनने की बधाई दे डाली। उनके इस कमेंट को खूब शेयर भी किया गया। पूछने पर उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि उन्हें मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है। खैर अभी नहीं तो आगे उन्हें जरूर शामिल किया जाएगा। भाजपा नेता अजय राय ने भी हैरानी जताई। भाजपा नेता सुशील मिश्र ने कमेंट किया कि कभी देश की राजनीति प्रयाग से होती थी। मंत्रीमंडल में भागीदारी न होने से मायूसी है।