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अध्यक्ष के लिए पुराना फार्मूला अपना सकती है भाजपा

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अध्यक्ष के लिए सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपना सकती है भाजपा
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महानगर, गंगापार और यमुनापार से आए 91 में से छांटे गए तीन-तीन आवेदन
मिशन 2022 के लिए जातीय समीकरण के हिसाब से भाजपा अध्यक्ष चुनने की तैयारी
प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रयागराज महानगर, गंगापार और यमुनापार अध्यक्ष का नामांकन होने के बाद अब निगाहें लखनऊ दरबार पर टिकी हुई है। वर्ष 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में तीनों अध्यक्ष का चयन काफी महत्वपूर्ण हो गया है। शायद इसी वजह से पार्टी अपने पुराने सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के आधार पर कौशांबी के साथ प्रयागराज के तीनों अध्यक्ष का चयन करना चाह रही है। इस बीच महानगर, गंगापार और यमुनापार से आए 91 आवेदनों में से संबंधित चुनाव अधिकारियों ने तीन-तीन आवेदन छांट लिए जाने की बात सामने आई हैं। हालांकि पार्टी पदाधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि शुक्रवार को प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल के समक्ष प्रयागराज और कौशांबी के चुनाव अधिकारी अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन नाम पेश करेंगे। चर्चा है कि प्रयागराज महानगर और गंगापार से पहले की तरह ही पार्टी वैश्य और ब्राह्मण बिरादरी के प्रत्याशी को अध्यक्ष बना सकती है। इसी तरह यमुनापार में पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी का अध्यक्ष बनाने की चर्चा सियासी गलियारे में चल रही है। वहीं पड़ोसी जनपद कौशांबी में अनुसूचित जाति के नेता को अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वर्तमान समय भी महानगर, गंगापार, यमुनापार और कौशांबी में दो सामान्य, एक ओबीसी एवं एक अनुसूचित जाति का अध्यक्ष कार्यरत है। इस बारे में महानगर के चुनाव अधिकारी राधा मोहनदास अग्रवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब प्रदेश संगठन मंत्री को ही तय करना है कि अध्यक्ष किसे बनाया जाए। कहा कि शुक्रवार की शाम को सुनील बंसल के समक्ष अपनी रिपोर्ट और दावेदारों के नाम पेश करेंगे।
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