नैनी (इलाहाबाद)। बुधवार को तीन परिवारों के चिराग बुझ गए। घर से स्कूल के लिए निकले तीन छात्रों के परिजनों क्या मालूम था कि अब उनका बेटा वापस नहीं आएगा। बिशप जॉनसन एंड कॉलेज के तीन छात्र स्कूल तो गए लेकिन समय से नहीं पहुंचने के कारण गेट बंद देख अरैल घूमने चले आए। यहां उनका गंगा नदी में नहाने का मन किया और तीनों छात्र नदी में उतर गए। नहाते समय एक छात्र गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दोनों दोस्त आगे बढ़े लेकिन पैर फिसल जाने के कारण वे भी गहरे पानी समा गए। इस तरह तीनों दोस्तों की मौत हो गई।
विशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज में कक्षा दस में पढ़ने वाले रुद्र प्रताप सिंह (15), शिवेश कुमार (14) और भानुप्रताप सिंह (15) अच्छे दोस्त थे। सुबह ये स्कूल के लिए निकले पर देर हो जाने के कारण स्कूल का गेट बंद हो चुका था। तीनों छात्र बाहर खड़े थे तभी साथ पढ़ने वाले जय चौधरी और अमन सिंह भी आ गए। पांचों छात्र गेट बंद देख घर लौटने के बजाय अरैल घाट घूमने का मूड बना लिया। दो स्कूटी से पांचों अरैल घाट पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे रुद्र प्रताप, शिवेश और भानुप्रताप घाट के किनारे चले गए। जबकि जय और अमन ऊपर सड़क के किनारे एक दुकान पर ही बैठकर उनका इंतजार करना बेहतर समझा। तीनों का नहाने का मन किया तो पहले रुद्र प्रताप गंगा में उतरा। रुद्र के बुलाने पर भानु प्रताप्र और शिवेश भी कपड़े उतार गंगा में कूद गए। नहाने के दौरान अचानक भानु डूबने लगा। उसने शोर मचाया तो रुद्र प्रताप उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। उसके पीछे शिवेश था। अचानक भानु गायब हो गया। तब तक बाकी दोनों भी फिसल कर गंगा में समा गए। काफी देर तक तीनों नहीं दिखे तो जय और अमन भाग कर घाट पर पहुंचे।
दोनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आपास के लोगों के साथ सूचना पर जल पुलिस के गोताखोर जवान आ गए। करीब साढे़ 12 बजे शव निकाला जा सका। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. विशाल एन सिंह ने बताया कि बच्चे बुधवार को स्कूल नहीं आए थे। नैनी पुलिस की ओर से लगभग 12 बजे सूचना आई कि उनके स्कूल के तीन बच्चे डूब गए हैं। इस सूचना से सारा स्कूल स्तब्ध है। घटना के शोक में गुरुवार को स्कूल बंद रहेगा।