सोमवार को महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती पर अफसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस दौरान पार्क में उनकी प्रतिमा लगाने का भी संकल्प लिया गया।
सोमवार को महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती पर अफसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस दौरान पार्क में उनकी प्रतिमा लगाने का भी संकल्प लिया गया। 161वें जन्मदिन पर बतौर मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने महामना के जीवन आदर्शों पर रोशनी डाली। कहा कि महामना के राष्ट्र निर्माण के कार्य युगों तक प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
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वन विभाग और मालवीय समिति की तरफ आयोजित जयंती समारोह की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि महामना का प्रारंभिक जीवन संघर्षों से भरा था। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए मंडलायुक्त ने उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर उसका अनुसरण करने पर बल दिया। अध्यक्षता कर रहे सेवा निवृत्त न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने महामना के आदर्शों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आप अपने प्रति जैसा व्यवहार दूसरों से चाहते हैं, वैसा ही दूसरे के साथ करें। महामना के आर्दशों से यही सीख मिलती है।
इस दौरान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. केबी पांडेय ने भी महामना के जीवन और उनकी सादगी के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके पूर्व अधिवक्ता प्रदीप कुमार, निर्मल कांत पांडेय, सदस्य मालवीय समिति हरिश्चंद्र मालवीय ने भी महामना के जीवन पर अपने विचार रखते हुए उनके द्वारा दिए के अमूल्य योगदान को याद किया। आखिर में प्रभागीय निदेशक महावीर कौजलगी द्वारा पार्क के विकास में वन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यो पर प्रकाश डालते हुए पार्क में शिलापट्ट पर लिखे गए मैग्ना कार्ट को पढ़कर सभी को सुनाया। कहा कि अगली जयंती पर पार्क में महामना की आदमकद मूर्ति लगवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।