समान पक्षी विहार: हक के लिए करेंगे आंदोलन
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शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर झूंसी के कनिहार में बड़ा पक्षी विहार जल्द आकार लेगा। इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) इसके लिए जोरशोर से तैयारी कर रहा है। पक्षी विहार के लिए जिला प्रशासन ने एडीए को 160 एकड़ भूमि तालाब एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए दे दी है। पक्षी विहार का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए आर्किटेक्टों से टेंडर मांगे हैं। इसके लिए 20 जून को टेंडर डाले जाएंगे। एडीए की योजना जल्द डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने की है, ताकि इस चुनावी वर्ष में पक्षी विहार के लिए रकम स्वीकृत होने के साथ काम भी प्रारंभ हो जाए।
एडीए ने झूंसी के कनिहार गांव में 160 एकड़ जमीन पर पक्षी विहार और पर्यटन स्थल बनाने का प्रस्ताव मार्च में तैयार किया था। 30 मार्च को एडीए बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। तय हुआ था कि पक्षी विहार के लिए जिला प्रशासन एडीए को जमीन उपलब्ध कराएगा। पक्षी विहार की योजना इसलिए तैयार की गई क्योंकि यहां संगम पर हर वर्ष ठंड में बड़ी संख्या में साइबेरियन बर्ड्स आती हैं। गंगा-यमुना में विचरण करने के साथ काफी साइबेरियन पक्षी कनिहार तालाब, अरैल समेत आसपास के छोटे तालाबों में भी जाते हैं। कनिहार पक्षी विहार विकसित होने पर यहां ज्यादा संख्या में साइबेरियन बर्ड्स आएंगी। साथ ही अन्य तरह के पक्षियों को भी यहां ठिकाना मिलेगा।
पिछले दिनों पक्षी विहार और पर्यटन स्थल के लिए जिला प्रशासन से जमीन पर सहमति बनने के बाद एडीए ने डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी किया। एडीए उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि 20 जून को टेंडर आने के बाद जल्द आर्किटेक्ट नियुक्ति किया जाएगा, ताकि समय से डीपीआर तैयार कराके स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाए और तेजी से पक्षी विहार का काम शुरू कराया जा सके।