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बिजली बिलों की एक साल की जमाबंदी की होगी जांच

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Bijli bill online corruption
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एमडी ने दिए जांच के निर्देश, जोन के 21 डिवीजनों के जमाबंदी के रिकार्ड तलब
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घटाए गए बिलों के साथ ही कैशियरों की भूमिका की भी होगी जांच
प्रयागराज। बिजली बिलों की जमाबंदी में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका है। बिल रिवाइज के नाम पर करोड़ों रुपये के खेल का खुलासा होने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी के बालाजी ने प्रयागराज जोन के सभी 21 डिवीजनों में वर्ष भर केबिजली बिलों की जमाबंदी की जांच के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर महकमे में हड़कंप मच गया है। पूरे जोन में बिलों की जमाबंदी में घोटाले की आशंका पर हाल में ही अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
जोन के सभी 21 डिवीजनों में बिजली बिलों की जमाबंदी में विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाए जाने की जानकारी मिली है। कहा जा रहा है कि आंध्रप्रदेश की बिलिंग साफ्टवेयर कंपनी फ्लूएंट ग्रिड की ओर से जारी की गई आईडी से जोन के हर डिवीजन में बिजली बिलों को घटाया गया है। इसमें नीचे से ऊपर तक अधिकारियों, कर्मचारियों के हाथ काले होने की आशंका जताई जा रही है। हाल में ही बिजली बिलों से आने वाले राजस्व में भारी कमी को लेकर भी अफसरों के कान खड़े हो गए हैं। इसके बाद पूर्वांच विद्युत वितरण निगम के एमडी ने पूरे जोन में पूरे एक वर्ष के बिलों की जमाबंदी की जांच का निर्देश दिया है। इसकी पुष्टि निदेशक कामर्शियल ओपी दीक्षित ने की।
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उन्होंने बताया कि जोन के हर डिवीजन में हुई जमाबंदी की जांच कराई जाएगी। पता चला है कि इसके लिए हर जोन के वर्ष भर के उपभोक्ताओं के बिलों की सूची बनाने के साथ ही आपरेटर से लेकर एक्सईएन स्तर पर जारी की गई आईडी की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा डिवीजन वाइज कैशियरों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है, ताकि हकीकत से पर्दा उठ सके। इस जांच के लिए के लिए लेखाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। कहा जा रहा है कि बिलों की जमाबंदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। इसमें लाखों रुपये के बिलों को घटाकर विभाग को चूना लगाया गया है। फिलहाल जमाबंदी से जुड़े वर्ष के अब सभी डिवीजनों के रिकार्ड तलब कर लिए गए हैं।
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बिलों की वर्ष भर की जमाबंदी की जांच कराई जाएगी। इसके लिए डिवीजनवार रिकार्ड मंगाए गए हैं। किसी भी डिवीजन में बिलों की तुलना में जमाबंदी में आई कमी के आधार पर दोषियों को चिह्नित किया जाएगा। इसमें किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। -ओपी सिंह, मुख्य अभियंता- प्रयागराज।
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