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यूपी : ज्ञानवापी हिंदुओं की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहर, वजूखाने से लेकर दीवारों तक मिले प्रमाण

Mon, 12 Sep 2022 06:38 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

क्षमावाणी पर्व पर जीरो रोड स्थित जैन मंदिर में अपने पिता हरिशंकर जैन के साथ आए विष्णु चंद्र ने ज्ञानवापी को बिना किसी विवाद के हिंदुओं को सौंपने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस बात में किसी तरह का संशय नहीं रह गया है कि ज्ञानवापी सनातनी आस्था का ही धार्मिक स्थल है।
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Prayagraj News : ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन और विष्णु जैन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ज्ञानवापी सनातनी आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल और सांस्कृति धरोहर है। सर्वे में ज्ञानवापी की दीवारों, तहखानों में शिवलिंग मिलने के साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के प्रतीक मिल चुके हैं। इस आधार पर भारतीय सांस्कृति धरोहर के रूप में ज्ञानवापी को हिंदुओं को सौंप दिया जाना चाहिए। यह बात रविवार को ज्ञानवापी मामले के वकील विष्णुचंद्र जैन ने कही।

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क्षमावाणी पर्व पर जीरो रोड स्थित जैन मंदिर में अपने पिता हरिशंकर जैन के साथ आए विष्णु चंद्र ने ज्ञानवापी को बिना किसी विवाद के हिंदुओं को सौंपने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस बात में किसी तरह का संशय नहीं रह गया है कि ज्ञानवापी सनातनी आस्था का ही धार्मिक स्थल है। इसलिए कि वहां कराए गए सर्वे के दौरान वजूखाने में शिवलिंग मिल चुका है।

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इसके अलावा मस्जिद के गुंबद के नीचे हिंदू मंदिर के अवशेष मिले हैं। मस्जिद की दीवारों पर भी हिंदू देवी-देवताओं के प्रतीक के रूप में स्वास्तिक, त्रिशूल और संस्कृत के श्लोक अंकित पाए जा चुके हैं। इतने प्रमाणों को बाद ज्ञानवापी को हिंदू स्थल के रूप में साबित करने की जरूरत नहीं रह गई है।


विष्णु चंद्र और हरिशंकर ज्ञानवापी में हिंदुओं को पूजा, आरती का आधिकार दिए जाने के लिए दाखिल मुकदमे की चार महिला याचिकाकर्ताओं के वकील हैं। इन महिला याचिकाकर्ताओं में रेखा पाठक, मंजू व्यास, सीता साहू और लक्ष्मी देवी शामिल हैं। ज्ञानवापी के वकीलों ने इससे पहले जैन मंदिर में क्षमावाणी पर्व में हिस्सा लिया और जैन मुनि के दर्शन किए।
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