खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ)-2019 की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उहापोह की स्थिति है। परीक्षा फिर टलने के आसार बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के कैलेंडर में यह परीक्षा 16 अगस्त को प्रस्तावित है और उस दिन रविवार है। प्रदेश सरकार ने हर शनिवार और रविवार को लॉकडाउन की घोषणा कर रखी है। ऐसे में परीक्षा के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अगर हालात नहीं सुधरे और हर शनिवार एवं रविवार को लॉकडाउन जारी रहा तो यूपीपीएससी के लिए यह परीक्षा करा पाना मुश्किल होगा।
बीईओ के 309 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पिछले साल 13 दिसंबर से शुरू की गई थी। आवेदन इस साल 13 जनवरी तक लिए गए। साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेद किए हैं। बीईओ के पदों पर चयन दो चरणों में होने वाली परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। पहले प्रारंभिक और इसके बाद मुख्य परीक्षा होगी।
इंटरव्यू नहीं होना है। आयोग ने सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा की तिथि 22 मार्च प्रस्तावित की थी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए गए थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण आयोग को परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। आयोग की ओर से जारी किए गए संशोधित कैलेंडर में प्रारंभिक परीक्षा की नई तिथि 16 अगस्त प्रस्तावित की गई है, लेकिन अब इस तिथि पर भी परीक्षा के आयोजन को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन के लिए आयोग ने पूर्व में प्रयागराज समेत प्रदेश के 18 जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए थे। कोरोना संक्रमण के मामले में हर जिले की अलग स्थिति है। प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, आजमगढ़, बरेली, गोरखपुर, गाजियाबाद, जौनपुर, कानपुर, मेरठए समेत यूपी के ज्यादातर जिलों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
साथ ही मार्च के मुकाबले वर्तमान में हालात और अधिक बदतर हो चुके हैं। संबंधित जिला प्रशासन परीक्षा के आयोजन की अनुमति देता है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वैसे भी आयोग को शनिवार एवं रविवार को लॉकडाउन के कारण पीसीएस-2018 के इंटरव्यू का कार्यक्रम संशोधित करना पड़ा और एपीओ-2018 की मुख्य परीक्षा की तिथि भी बदलनी पड़ी थी। फिलहाल, बीईओ की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर असमंजस बना हुआ है।