आयोग ने यह तो माना कि रिक्त पदों का अधियाचन मिला है, लेकिन पदों की संख्या नहीं बताई। इसके बाद आयोग ने जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत एक अन्य अभ्यर्थी को बीईओ भर्ती के बारे में सात अगस्त 2023 को फिर जवाब दिया और इसमें भी पांच अप्रैल 2023 को दिए गए जवाब को दोहराया। स्पष्ट है कि चार माह बाद भी शासन/विभागों के स्तर से बीईओ भर्ती से जुड़ी विसंगति दूर नहीं की सकी है। यह विसंगति समकक्ष अर्हता से जुड़ी है।
पदों का अधियाचन प्राप्त होने के बावजूद भर्ती शुरू न होने से अभ्यर्थी परेशान हैं। भर्ती के इंतजार में अभ्यर्थी ओवरएज हो रहे हैं। इससे पूर्व वर्ष 2019 में बीईओ के 309 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें पांच लाख 28 हजार 314 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इस बार भी लाखों अभ्यर्थियों को बीईओ की नई भर्ती शुरू होने का इंतजार है, लेकिन विसंगति के कारण भर्ती फंसी हुई है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि विसंगतियों के कारण शिक्षा विभाग में व्यापक पैमाने पर भर्तियां अटकी हुई हैंं। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती और प्रवक्ता भर्ती भी इसी वजह से शुरू नहीं हो पा रहीं हैं, जबकि आयोग को रिक्त पदों के अधियाचन महीनों पहले प्राप्त हो चुके हैं। समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि विसंगति शीघ्र दूर करने के लिए शासन को निर्देश दें, ताकि भर्तियां शुरू हो सकें।