अर्हता होने के बावजूद भर्ती के इंतजार में हो गए ओवरएज
अभ्यर्थियों ने आयु सीमा बढ़ाने के लिए मंत्री को दिया ज्ञापन
प्रयागराज। बीएड और एलटी डिप्लोमा की अर्हता होने के बाद भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के 309 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने जा रही परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे। बाहर वर्षों तक भर्ती का इंतजार करते-करते तमाम अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पार कर गए। रविवार को ऐसे अभ्यर्थियों ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ सिंह से उनके आवास में मुलाकात की और ज्ञापन देकर अधिकतम आयु सीमा बढ़ाए जाने की मांग की। मंत्री ने मांग पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने बीईओ के 309 पदों पर भर्ती के लिए 13 दिसंबर को ऑनलाइन विज्ञापन जारी किया था। उसी दिन में परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवदेन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे पूर्व वर्ष 2007 में बीईओ भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती के लिए अनिवार्य अर्हता बीएड और एलटी डिप्लोमा निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है। भर्ती बारह साल बाद की जा रही है। इस दौरान बीएड और एलटी डिप्लोमा वाले तमाम अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं।
रविवार को एलटी समर्थन मोर्चा के बैनर तले अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से उनके आवास में मुलाकात की और ज्ञापन देकर अधिकतम आयु सीमा कम से कम दो वर्ष बढ़ाए जाने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर अधिकतम आयुसीमा नहीं बढ़ाई गई तो शैक्षिक अर्हता होने के बावजूद ओवरएज हो चुके अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। अभ्यर्थियों ने नए शिक्षा सेवा चयन आयोग का मुख्यालय प्रयागराज में लाने के लिए मंत्री को धन्यवाद भी दिया और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान छात्र नेता विमल उपाध्याय, अनिल उपाध्याय, विक्की खान, प्रमोद सिंह, कृष्णानंद राय, नील मणि त्रिपाठी, अखिलेश सिंह, भूपेश प्रताप सिंह, अमरनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।