वहीं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जहीरउद्दीन ने कहा, भारतीय महिला टीम 1980 के बाद 2016 ओलंपिक में खेली थी। इस दौरान टीम आठ ओलंपिक से बाहर रही थी। 2016 में बेहतर प्रदर्शन के बाद टीम 2022 में चौथे पायदान तक पहुंची थी। इस बार टीम के पास ओलंपिक खेलने का पूरा अवसर था, लेकिन हमें कामयाबी नहीं मिल सकी।
उत्तर मध्य रेलवे की राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्यामा तिर्गम का कहना है कि हार के लिए पूरी तरह से निराश हूं। हमने पेनाल्टी कॉर्नर के कई मौके गवांए, उसे गोल में नहीं बदल सके। इस गलती को सुधार नहीं सकते, लेकिन खिलाड़ियों ने अंत तक जो मेहनत की, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारा दिन नहीं था। क्वालीफाई नहीं करने की टीस लंबे समय तक सताती रहेगी।