ट्रिपलआईटी में व्यवहारिक वित्त पर शुरू हुए दूसरे समर स्कूल में शुक्रवार को संस्थान के डीन एकेडमिक एवं अनुसंधान एवं कार्यवाहक निदेशक प्रो. तपोव्रत लाहिड़ी ने प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक समाज में विभिन्न व्यवहार पहलुओं के अध्ययन के महत्व पर जोर दिया। कहा कि व्यवहार वित्त एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जो वित्तीय बाजार में विसंगतियों को दूर करने के लिए मनोविज्ञान पर आधारित सिद्धांतों से संबंधित है। ट्रिपलआईटी में एक सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला के पहले दिन उद्योग के साथ-साथ शैक्षिक जगत से जुड़े जानकार भी मौजूद रहे।
लाहिड़ी ने कहा कि ट्रिपलआईटी और बाहर से आए प्रतिभागी विद्वानों के संरक्षण के तहत व्यवहारिक वित्त पर समर स्कूल के प्रतिभागियों को कार्यशाला की अवधि में समृद्ध ज्ञान प्राप्त होने की उम्मीद है। प्रबंधन अध्ययन विभाग की प्रमुख डॉ. विजयश्री तिवारी ने वित्त के क्षेत्र में निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए व्यवहारिक और मनोवैज्ञानिक पैटर्न विश्लेषण को आपस में जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. माधवेंद्र मिश्रा ने समर स्कूल को अधिक उपयोगी बनाने में सक्रिय भागीदारी के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने विभिन्न प्रबंधकीय समस्याओं के लिए आधुनिक समाधान खोजने के लिए विभिन्न व्यवहार पहलुओं को देखने पर भी जोर दिया। डॉ. बृजेंद्र सिंह ने मॉडल व्यवहार कारकों के लिए मशीन सीखने के महत्व पर जोर दिया। मुख्य समन्वयक डॉ रंजीत सिंह ने कहा कि उद्घाटन सत्र कार्यशाला की एक झलक है। आने वाले दिनों में प्रतिभागियों को इसके पूर्ण फलदायी होने की आशा प्रकट की। इस अवसर पर डॉ सौरभ मिश्र, डॉ शशिकांत राय, सव्यसाची मंडल, चंद्रकांत उपाध्याय, काजोल, सर्बंति एवं अन्य मौजूद रहे।