कचहरी में गंदगी पर भड़के अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह पुरानी बिल्डिंग में लगी पांच लिफ्टों में से दो लिफ्ट महीनों से बंद पड़ी हैं। हजारों वकीलों के बोझ को संभालने वाली लिफ्ट के खराब होने से सबसे ज्यादा तकलीफ में बुजुर्ग अधिवक्ता हैं, जो कोर्ट की तीसरी मंजिल पर एक बार पैदल चढ़कर उतर गए तो दोबारा चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सकते।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गिरीश तिवारी और मंत्री विद्या वारिधी मिश्रा ने शनिवार को वॉशरूम में फैली गंदगी, खराब लिफ्ट और जलभराव के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा कर दी। मूलभूत सुविधाओं के लिए संभवतः पहली बार हुई हड़ताल की घोषणा कचहरी में चर्चा का विषय रही। हालांकि, वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के चलते दूर दराज से वादों की पैरवी करने आए वादकारियों को परेशान होना पड़ा।
बहरहाल, वादकारियों ने भी वकीलों की इस हड़ताल को जायज माना। नैनी से अपने वाद की पैरवी करने आए मोनू सरोज ने कहा कि एक महीने बाद उनकी तारीख लगी थी, लेकिन हड़ताल के कारण अगली तारीख ले कर वापस जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह वकीलों की मांग को जायज मानते हैं, क्योंकि इन वॉशरूम और मूत्रालय का प्रयोग वकीलों के साथ वादकारी भी करते हैं।