इलाहाबाद। प्रदेश में पहली अप्रैल से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो जाएगा और यह लाभ उन्हीं को मिलेगा, जिनके पास आधार कार्ड है। आधार अनिवार्य हो जाने से पात्र होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अधिनियम का लाभ पाने से वंचित हो सकते हैं, क्योंकि उनके पास आधार नंबर नहीं है। हालांकि सरकार ने आवेदकों को थोड़ी राहत देते हुए व्यवस्था कर दी है कि आधार नहीं है तो इसके लिए इसके लिए भी तुरंत आवेदन करें और राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान विकल्प के तौर पर आधार नंबर की जगह उसकी नामांकन संख्या (एनरोलमेंट नंबर) ही दर्ज कर दें। यह भी मान्य होगा।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होते ही अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल कार्ड बेकार हो जाएंगे। इसके तहत सभी पात्र लाभार्थियों को सामान्य रूप से एक प्रकार का कार्ड जारी किया जाएगा। हालांकि अंत्योदय कार्डधारकों को इस अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से पात्र मान लिया गया है लेकिन दिक्कत बीपीएल और एपीएल कार्डधारकों के लिए है। उनकी सूची राशन की दुकानों पर चस्पा कर दी है गई है।
ग्रामीण इलाकों में तीन प्रकार की सूची लगाई गई है, जिनमें एक पात्र और दूसरी अपात्र कार्डधारकों की है जबकि तीसरी सूची उन लोगों की है, जिनके नाम दोनों सूची में नहीं हैं। इसी तरह शहर में बीपीएल और एपीएल कार्डधारकों की अलग-अलग सूची दुकानों पर चस्पा की गई है।
अधिनियम की शर्तों के तहत जो भी लोग पात्र हैं औन उनका अपात्रों या तीसरी सूची में डाल दिया गया है, उन्हें पात्रता सूची में शामिल होने के लिए नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हालांकि आवेदन तभी स्वीकार किया जाएगा, जब आवेदनकर्ता अपने आधार नंबर के बारे में भी सूचना दर्ज करे। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों के पास आधार नंबर नहीं है। ऐेसे लोगों को राहत देते हुए उनसे कहा गया है कि पास के ही किसी केंद्र में जाकर आधार कार्ड के लिए तुरंत पंजीकरण कराएं और आवेदन के साथ नामांकन संख्या फीड कर दें।
आधार नंबर न होने की स्थिति में यह स्वीकार्य होगा। संभागीय खाद्य नियंत्रक अखिलेश ओझा ने बताया कि कार्डधारकों के आधार नंबर को बैंकों से लिंक किया जाएगा। इस बारे में मुख्यालय से भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अगर आधार नंबर या उसका एनरोलमेंट नंबर नहीं है तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा। अंत्योदय कार्डधारकों को अधिनियम के तहत पहले से ही पात्र मान लिया गया है लेकिन बाद में उनसे भी आधार नंबर लिए जाएंगे।