इलाहाबाद। ईदुल अजहा पर खुदा की बारगाह में सजदा के लिए सभी आए। नमाजियों की सबसे बड़ी जमात ईदगाह में जुटी जहां मौलाना वजाहत हुसैन ने नमाज पढ़वाई। खास नमाज के बाद खुतबा, सलाम और बकरीद के फजायल बयां किए गए। सीधी सफ में बैठकर नमाज अदा करने सहित अमन-चैन और सभी की सलामती की दुआ मांगी गई। मुतवल्ली एमएस फारुकी की देखरेख में ईदगाह के भीतर और बाहर नमाजियों के लिए माकूल इंतजाम किए गए थे।
शिया जामा मस्जिद चक में इमाम जुमा व जमात सैयद हसन रजा ने नमाज पढ़वाई और कुर्बानी के फजायल भी बताए। उन्होंने मिना हादसे सहित देश और दुनिया के हालत पर भी राय रखी। बाद में मुल्क में अमन, चैन, खुशहाली, तरक्की आदि के लिए दुआएं मांगी गई।
चौक स्थित जामा मस्जिद में इमाम व खतीब कारी मकबूल अहमद हबीबी की मौजूदगी में नायब शहर काजी सैयद मुहम्मद रईस अख्तर हबीबी ने बकरीद की खास नमाज पढ़ाई। नमाजियों की बड़ी तादाद के मद्देनजर ईदगाह की ओर जाने वाले रास्तों और जामा मस्जिद चौक के दोनों ओर भी यातायात पर रोक लगाई गई थी।
ईदुल अजहा पर बच्चों ने भी जमकर मौज की। इबादतगाह जाने और लौटने सहित वे बड़ों के साथ ही मोहल्ले में लगे मेले में भी गए। रसूलपुर, करेली, वसीयाबाद, दरियाबाद, शाहगंज, अटाला, रानीमंडी, नखासकोहना, पत्थर गली, कीडगंज सहित शहर के तमाम मुस्लिम इलाकों में मेले भी लगे जहां बच्चों के लिए खेल-खिलौनों और मनोरंजन के अतिरिक्त खाने-पीने की दुकानें भी लगीं। गौस नगर, दरियाबाद, नूरुल्लाह रोड, करेली, अटाला, रसूलपुर, शाहगंज, चकिया आदि इलाकों में लाउडस्पीकरों से गीत बजे जिस पर उत्साही युवाओं ने डांस भी किया।
सुबह त्योहार की आपाधापी में बकरा मंडियां जरूर सुस्त रहीं लेकिन नमाज से लौटने के बाद तमाम लोगों ने एक बार फिर मंडियों का रुख किया। दरअसल तीन दिनों का त्योहार होने से तमाम लोगों को बकरों की कीमतें कम होने की उम्मीद थीं और ऐसा हुआ भी। कुर्बानी का सिलसिला शनिवार और रविवार को भी रहेगा।