मेजा के परानीपुर गंगा घाट किनारे मिले बारहसिंगा की मंगलवार को वन रेंज कार्यालय मेजा में इलाज के दौरान मौत हो गई। पशु विभाग के तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा मृत बारहसिंगा का पोस्टमार्टम कराकर शव को दफना दिया गया। पशु चिकित्सकों का कहना है कि बारहसिंगा को कुत्तों ने घायल कर दिया था। जिससे वह काफी अस्वस्थ हो गया था।
बता दें कि परानीपुर गंगा घाट के किनारे सोमवार को बारहसिंगा को कुत्ते घेरकर नोंच रहे थे। तभी ग्रामीणों ने देखा तो कुत्तों से बारहसिंगा को बचा लिया था। सूचना पर वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी केके पांडेय ने बारहसिंगा को अपने साथ वन विभाग के कार्यालय पर लाकर उसका इलाज शुरू कराया। दूसरे दिन मंगलवार को इलाज के दौरान बारहसिंगा की मौत हो गई। पशु चिकित्सक देवेंद्र यादव, डॉ. प्रदीप कुमार और डॉ. प्रियदर्शी के नेतृत्व में गठित चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों का कहना है कि कुत्तों द्वारा बारहसिंगा को घायल कर दिया गया था जिस वजह से उसकी मौत हो गई। मेजा के प्रधान प्रतिनिधि और मेजा पुलिस की मौजूदगी में बारहसिंगा के शव को दफनाया गया।
यह बारहसिंगा की एक दुर्लभ प्रजाति है। उसके इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं की गई। हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
केके पांडेय, वन क्षेत्राधिकारी मेजा।