इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में पांच सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एड हॉक नियुक्ति के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। अध्यक्ष राकेश पांडेय बबुआ और महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि अनुच्छेद 224-ए के प्रयोग का अधिकार सांविधानिक व्यवस्था के तहत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को है, जो राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति का अनुरोध कर सकते हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की पहल सांविधानिक प्रावधानों की भावना के विपरीत है।
बार ने ‘लोक प्रहरी बनाम भारत संघ’ (2021 एससीसी, खंड 15, पृष्ठ 80) के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि उसकी भावना की अनदेखी हुई है। एसोसिएशन का मत है कि रिक्तियों को नियमित प्रक्रिया के तहत योग्य अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों में से नियुक्ति कर भरा जाना चाहिए था। साथ ही यह भी कहा गया कि अनुच्छेद 224-ए लागू करने से पहले बार जैसे हितधारकों से परामर्श नहीं किया गया। यह जानकारी संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी ने दी है।