Bansal murder case: report sent to CBI inquiry
प्रयागराज। जिले की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री डॉ. बंसल हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे जाने का रास्ता साफ हो गया है। जिला पुलिस की ओर से इस संबंध में आख्या भेज दी गई है। जिसमें कहा गया है कि मामले की जांच सीबीआई से कराने पर जिला पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। माना जा रहा है कि इस संबंध में अब जल्द ही शासन मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है।
जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ. एके बंसल की हत्या 12 जनवरी 2017 को बेहद ही सनसनीखेज ढंग से की गई थी। अस्पताल के भीतर ही पहुंचे शूटरों ने उन्हें तब गोलियों से भून दिया था जब वह अपने चैंबर में बैठकर मरीज देख रहे थे। ढाई साल बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है। उनकी पत्नी डॉ. वंदना बंसल की ओर से शासन को पत्र भेजकर मामले की जांच सीबीबाई से कराने की मांग की गई थी। जिसके बाद पिछले दिनों ही शासन ने इस संबंध में पहल की। जिसके तहत शासन ने जिला पुलिस से इस संबंध में आख्या मांगी थी। शासन के आख्या मांगने के बाद कीडगंज पुलिस ने मामले में रिपोर्ट तैयार की और फिर इसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया। बताया जा रहा है कि अब इस मामले में शासन को आख्या भेज दी गई है। जिसमें कहा गया है कि मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने पर जिला पुलिस को कोई आपत्ति नहीं होगी।
एफआईआर की कॉपी भी भेजी गई
सूत्रों की मानें तो शासन की ओर से आख्या के संबंध में जो प्रारूप जिला पुलिस को भेजा गया था, उसके अनुसार इस सनसनीखेज हत्याकांड के संबंध में दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी भी प्रेषित की गई है। इसके साथ ही घटना का संक्षिप्त विवरण और मुकदमे से संबंधित कुछ अन्य अहम दस्तावेज भी शासन को भेजे गए हैं।
दर्जनों टीमें, सैकड़ों लोगों की गवाही, नतीजा सिफर
डॉ. बंसल के हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस के साथ ही एसटीएफ को भी मामले की जांच में लगाया गया। खुलासे के लिए दर्जनों टीमें बनाई गईं, सैकड़ों लोगों की गवाही हुई और हजारों नंबर सर्विलांस पर लगाए गए। इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा। हत्यरों को पकड़ना तो दूर, पुलिस इस हत्याकांड की वजह तक नहीं तलाश सकी। एसटीएफ जैसी तेजतर्रार एजेंसी भी हत्यारों को पकड़ने में नाकाम रही। जांच में जुटी टीमों ने डॉ. बंसल के कई विवादों की जांच की। हालांकि सभी कवायदों का नतीजा सिफर रहा।