शुक्रवार को सुनवाई केदौरान सेवायतों और दुकानदारों की ओर से कहा गया यूपी सरकार कॉरिडोर निर्माण में उनकी सुन नहीं रही है। अधिवक्ता संकल्प गोस्वामी ने कहा कि कॉरिडोर बनाने में यूपी सरकार जो पैसा खर्च करेगी वह मंदिर को दान में चढऩे वाले चढ़ावे से करेगी, लेकिन इसके लिए वह सेवायतों से कोई बात नहीं कर रही है। इसके अलावा दुकानादारों की ओर तर्क दिया गया कि कॉरिडोर निर्माण में कुंज गली और मंदिर परिसर को क्षति न पहुंचाई जाए।
मध्यस्थ नियुक्त करने पर सभी ने जताई सहमति
मंदिर के स्वरूप में कोई छेड़छाड़ न किया जाए। इस पर कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से पूछा कि कॉरिडोर का निर्माण कार्य मंदिर के अंदर भी होगा या बाहर ही कराया जाएगा। अपर महाधिवक्ता ने बताया कि बाहर ही निर्माण कार्य होंगे। इस पर कोर्ट ने कॉरिडोर निर्माण का प्रस्तावित लेआउट मांगा। बताया गया कि अभी तैयार नहीं है। इस पर कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मध्यस्थ नियुक्त करने को कहा। सभी पक्षों ने इस पर सहमति जताई। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से मध्यस्थ के नाम का सुझाव मांगा है। अब अगली सुनवाई पर कोर्ट मध्यस्थ को नियुक्त कर सकती है।