तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
एक बदमाश की पहचान होने के बावजूद पुलिस नहीं लगा सकी सुराग
00 बैंक मैनेजर हत्याकांड 00
हत्या के बाद एक जैसी दो बाइक से भागे बदमाश
बीटीएस से खंगाले जा रहे वारदात के वक्त सक्रिय मोबाइल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बैंक मैनेजर अनिल कुमार दोहरे की हत्या में शामिल चार बदमाशों में एक की पहचान होने के बावजूद पुलिस उसका कोई सुराग अब तक नहीं तलाश सकी है। हत्या की वजह भी अभी बहुत साफ नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल का भी ब्यौरा एकत्रित कर रही है। रविवार को पुलिस ने बैंक प्रबंधक के परिजनों से बातचीत की। मगर, कुछ खास जानकारी नहीं मिल सकी है।
कालिंदीपुरम निवासी अनिल (50) इलाहाबाद बैंक की बांका जलालपुर शाखा में तैनात थे। शुक्रवार सुबह बैंक जाते वक्त बाइक सवार तीन युवकों ने मऊआइमा के मरखामऊ असरहा के पास गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। जांच के दौरान चार बदमाशों के शामिल होने की बात सामने आई। मालूम चला कि वारदात में शामिल चौथा बदमाश घटना स्थल पर पहले से मौजूद था लेकिन, गोली मारे जाने के बाद वह भी उन्हीं तीनों बदमाशों के साथ भागा। पुलिस पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि चारों बदमाशों ने एक तरह की बाइक का इस्तेमाल किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इनमें एक बदमाश की पहचान हो गई लेकिन, उसका सुराग नहीं मिल रहा है। सुरागकशी के लिए पुलिस घटना के वक्त वहां सक्रिय मोबाइलों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस को उम्मीद है बाहरी मोबाइल नंबरों के सहारे हत्यारों तक पहुंचा जा सकता है। पुलिस आसपास के बीटीएस से नंबर जुटा रही है। इसके अलावा घटना स्थल के रास्ते में कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। पुलिस उनके जरिए हत्यारों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है मगर, इन सारी कवायदों के बावजूद पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सुराग नहीं आए हैं।
उधर, रविवार होने से बैंककर्मियों एवं उनके दोस्तों से भी कोई पूछताछ नहीं हो सकी। इस वजह से घटना के पीछे की कोई वजह भी साफ नहीं हो रही। अभी लोन को लेकर हुए विवाद की छानबीन हो रही है लेकिन जमीन से जुड़े मामले भी पुलिस खोज रही है। रविवार शाम को सीओ सोरांव अमित श्रीवास्तव ने बैंक मैनेजर के घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। सीओ का कहना है कि कई बिंदूओं पर तफ्तीश की जा रही है। कुछ अहम सुराग मिले हैं। उनका कहना है जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।