इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छात्र को पीटने की आरोपी शिक्षिका के खिलाफ शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही नोटिस जारी कर शिकायतकर्ता और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत ने अदा परवीन की याचिका पर दिया है। मामला हमीरपुर जिले का है।
दरअसल, शिक्षिका पर छह वर्षीय छात्र को पीटने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित छात्र के परिजनों ने शिक्षिका के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि जातीय घृणा के चलते की गई पिटाई से छात्र की तबीयत खराब हो गई। मामले में पुलिस की ओर से ट्रायल कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र को चुनौती देते हुए याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दलील दी कि जातीय घृणा में पिटाई का आरोप गलत है। होमवर्क पूरा न करने पर डांट लगाई गई थी। एफआईआर की कहानी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी।