इसकी बड़ी वजह ये है कि शहर के लोगों के पास जानवर को रखने की भी जगह नहीं होती है। हटिया की मंडी में मंगलवार को साप्ताहिक बाजार होने के बावजूद कम बकरे नजर आए। कौशाम्बी से बकरा बेचने आए इलियास अहमद ने बताया कि बकरीद में अभी पूरे एक सप्ताह का समय है। कहा कि शनिवार को मंडी में बाजार लगेगी उसमें अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। वहीं, इलियास का कहना है कि इस बार बाजार अच्छी उछाल पकड़ेगा।
दरअसल, बाजार में कम बकरे होने के चलते अभी बकरे के दाम भी आसमान छू रहे हैं। महेवा से बकरा खरीदने आए शोएब खान ने बताया कि हटिया की मंडी में जो बकरा पिछले वर्ष सात से आठ हजार रुपये में बिक रहा था। इस बार वह दस से 12 हजार रुपये में मिल रहा है।
करेली रसूलपुर कब्रिस्तान के पास की मंडी में हनुमानगंज से आए बकरा व्यवसायी इंसाफ हुसैन ने बताया कि मंडी में वे 13 बकरे लाए थे। इसमें से महज दो ही बकरे बिके हैं। 11 बकरे लेकर वापस जा रहे हैं। शुक्रवार को वह फिर आएंगे। संवाद