कोर्ट ने कहा है कि विपक्षी पर प्रथम दृष्टया अवमानना केस बनता है। उसने जानबूझकर आदेश की अवहेलना की है। अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी व मुख्य स्थायी अधिवक्ता केआर सिंह ने कहा कि इसी तरह के कई मामले हैं। सभी को एक साथ सुना जाए।
दोनों विपक्षियों की तरफ से जवाबी हलफनामा दायर किया गया, किंतु आदेश का पालन क्यों नहीं किया। इस बारे में कुछ नहीं है। हाजिरी माफी की अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया जा रहा है। विपक्षी में कोर्ट आदेश का कोई सम्मान नहीं है। उसकी ढिलाई के कारण याची परेशान हो रहा है। दूसरी अवमानना याचिका दायर की गई। अधिकारी आदेश का पालन न कर मौन बैठे हैं।