इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर धन उगाई करने के आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर धन उगाई करने के आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने दिया है।
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कानपुर नगर के किदवई नगर थाने में दर्ज एफआईआर में एक कारोबारी ने आरोप लगाया था कि अखिलेश दुबे ने उसे दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे गंभीर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर रुपये वसूले। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने एक युवती के माध्यम से उस पर दबाव बनवाया और फिर मामले को रफा-दफा करने के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। जांच के दौरान पुलिस को कई अन्य ऐसी युवतियों के बयान भी मिले हैं, जिन्हें कथित तौर पर लोगों को फंसाने और पैसे वसूलने के लिए इस्तेमाल किए गए थे।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि 70 वर्षीय आरोपी एक अधिवक्ता है। उसे रंजिशन फंसाया गया है, जबकि उनके पास से कोई ठोस साक्ष्य बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।