इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर में दो साल पहले बेटी के दोस्त की हत्या और अपहरण करने के आरोपी पिता की सशर्त जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने आरोपी उदन की जमानत अर्जी पर अधिवक्ता अमिताभ त्रिपाठी और अपर शासकीय अधिवक्ता को सुन कर दिया। यह बहुचर्चित मामला कानपुर नगर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र का है। सितंबर 2022 में गंगा बैराज के पास तालाब में एक किशोर की लाश तैरती मिली थी। शव में ईंट बांध कर तालाब में फेंका गया था, ताकि शव बाहर न आ पाए।
मृतक के पिता ने दर्ज कराई थी एफआईआर
मृतक सौरभ के पिता बबलू की एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि उनका 14 वर्षीय बेटा सौरभ दोस्त कौशल, राकेश व सनी के साथ मुंडन संस्कार में शामिल होने उन्नाव गया था। रात करीब 12 बजे लौटते समय नत्थापुरवा के पास गांव के उदन व सोनू ने घेर लिया। इसके बाद उस पर हमला किया। बाकी दोस्त मौके से बच निकले जबकि सौरभ का अपहरण कर उन्होंने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस की कहानी... उदन की निशानदेही पर मिली लाश
पुलिस के मुताबिक वह लाश गंगा कटरी के रामपुर लोधवाखेड़ा गांव निवासी किशोर की थी। लाश की बरामदगी नत्थापुरवा निवासी उदन की निशानदेही पर की गई थी। गिरफ्त में आए आरोपी उदन ने पुलिस के सामने गुनाह कुबूल किया था। कहा था कि मृतक किशोर की उसकी बेटी से बढ़ती नजदीकियों के कारण उसकी हत्या कर लाश तलब में फेंकी गई थी। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने हत्यारोपी उदन और उसके बेटे सोनू के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया था। ट्रायल भी शुरू हो चुका है।
आरोपी की दलील...हत्या, अपहरण और बरामदगी का कोई गवाह नही
आरोपी के अधिवक्ता अमिताभ त्रिपाठी ने दलील दी कि पुलिस की कहानी झूठी है। लाश की बरामदगी के बाद हत्यारोपी उदन को जबरन आरोपी बनाया गया। हत्या, अपहरण और बरामदगी का कोई चश्मदीद गवाह नही है। दो साल से चल रहे ट्रायल में अभियोजन के 23 गवाहों में अब तक केवल एक की गवाही हो सकी है। ट्रायल लंबे समय तक खत्म होने की उम्मीद नहीं है। कोर्ट ने हत्यारोपी की जमानत मंजूर कर ली