इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी देवरिया के अखिलानंद राव को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह अगले दो वर्षों तक सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा। जमानत शर्तें का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत निरस्त की जा सकेगी। अखिलानंद की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने यह आदेश दिया।
याची के खिलाफ देवरिया के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वह 12 मई 2020 से जेल में बंद है। आरोप है कि उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य जनप्रतिनिधियों के संबंध में एक सोशल मीडिया साइट पर आपत्तिजनक पोस्ट किए। साथ अपने बारे में गलत सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां देकर अनुचित लाभ उठाने का प्रयास किया। याची का कहना था कि उसे साजिशन झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
कोर्ट ने कहा कि याची दो वर्षों तक सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा और मुकदमे के विचारण में पूरा सहयोग करेगा। अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई टलवाने की कोशिश नहीं करेगा। जमानत शर्तों का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत कभी भी निरस्त की जा सकेगी।