एनसीआर के डायरेक्टर का फर्जी दस्तावेज तैयार करके 1.95 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोपी अजहर अनीश उस्मानी की जमानत अर्जी शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी।
एनसीआर के डायरेक्टर का फर्जी दस्तावेज तैयार करके 1.95 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोपी अजहर अनीश उस्मानी की जमानत अर्जी शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्राइम गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बचाव पक्ष का कड़ा विरोध किया।
विज्ञापन
डीजीसी ने बहस के दौरान तर्क दिया कि अजहर अनीश ने रेलवे अस्पताल के डॉ. परवेज अहमद के साथ मिलकर 30 अगस्त 2022 को एनसीआर के डायरेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करके एक कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इसमें स्क्रैप का ठेका दिलाने का प्रमाणित आदेश लिखा था। गैंग के अन्य सदस्यों में आरोपी की दोस्त मानसी मिश्रा, उसकी पत्नी फातिमा आरिफ और भाई अकमल उस्मानी ने मिलकर इस फर्जी कूटरचित दस्तावेज को दिखाकर शिकायतकर्ता रजत केसरवानी के खाते से 1.95 करोड़ रुपये की धनराशि तीन लोगों के खाते में हस्तांतरित करवाई।
धनराशि हस्तांतरित होने के बाद शिकायतकर्ता ने ठेका दिलाने की बात कही, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। दोबारा कहने पर जान से मारने की धमकी भी दी। अभियोजन ने यह भी बताया कि डॉ. परवेज आरोपी अनीस के साथ मिलकर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करके निर्दोष व्यक्तियों को लूटने का काम करता है। सुनवाई के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश रत्नेश श्रीवास्तव ने जमानत अर्जी खारिज करने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता रजत ने 11 नवंबर 2022 को जार्जटाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।