याची की ओर से कहा गया कि वह दो अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में है। प्राथमिकी में अंकित घटना पूरी तरह से फर्जी है। कथित घटना पांच दिन बाद विचार-विमर्श के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
विशेष न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश डॉ.दिनेश चंद्र शुक्ला ने मारपीट और षड़यंत्र के मामले में पूरामुफ्ती थाने में दर्ज प्राथमिकी में बाहुबली अतीक के बेटे अली अहमद उर्फ मोहम्मद अली अहमद की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा है कि याची की जमानत निरस्त किए जाने योग्य है।
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अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा मोहम्मद जीशान अपने दोस्तों के साथ 26 जुलाई को पौने दो बजे फनगांव केसामने मौजा मंदरी को देखने गया था। इतने में एक बड़ी गाड़ी उनके पास आकर रुकी। उसमें बैठे लोगों ने उसे मारने की नीयत से दौड़ा लिया। फायरिंग हुई। पेड़ की आड़ में होने से वह बच गया। बाद में उसने इसकी जानकारी थाने में दर्ज कराई।
याची की ओर से कहा गया कि वह दो अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में है। प्राथमिकी में अंकित घटना पूरी तरह से फर्जी है। कथित घटना पांच दिन बाद विचार-विमर्श के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वादी की कहानी पूरी तरह से निराधार है। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य ने इसका विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।