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बड़े हनुमान मंदिर : अकबर किले के पास अवैध कब्जा से सैन्य संस्थान की सुरक्षा को खतरा, रक्षा मंत्रालय को भेजा पत्र

Fri, 03 Jun 2022 10:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम क्षेत्र में बडे़ हनुमान मंदिर के आसपास सेना की जमीन पर वर्षों से कब्जा है। सेना की जमीन पर लगातार हो रहे पक्के निर्माण को लेकर अफसर चिंतित हैं। किले के भीतर कड़े सुरक्षा घेरे में स्थित मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप से महज सौ मीटर के दायरे में बड़े हनुमान मंदिर के आसपास अवैध अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसे रोकने के लिए सेना अब कड़ा रुख अख्तियार कर सकती है।
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Prayagraj News : संगम तट पर लेटे हनुमानजी। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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संगम क्षेत्र में अकबर के किले में स्थित आयुध भंडार के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में तेजी से बढ़ते अतिक्रमण को सैन्य संस्थान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बडे़ हनुमान मंदिर से त्रिवेणी रोड तक सेना की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं।

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किले में स्थित रक्षा मंत्रालय के आयुध भंडार की सुरक्षा के लिए इसे शुभ लक्षण के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसे लेकर ओडी फोर्ट के अफसरों ने रक्षा संपदा विभाग को पत्र भेजा है। रक्षा संपदा विभाग को भेजे गए पत्र में जल्द से जल्द अतिक्रमण हटवाने का अनुरोध किया है, ताकि ओडी फोर्ट की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की समस्या न खड़ी होने पाए।


संगम क्षेत्र में बडे़ हनुमान मंदिर के आसपास सेना की जमीन पर वर्षों से कब्जा है। सेना की जमीन पर लगातार हो रहे पक्के निर्माण को लेकर अफसर चिंतित हैं। किले के भीतर कड़े सुरक्षा घेरे में स्थित मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप से महज सौ मीटर के दायरे में बड़े हनुमान मंदिर के आसपास अवैध अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसे रोकने के लिए सेना अब कड़ा रुख अख्तियार कर सकती है।

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सेना ने रक्षा मंत्रालय को भेजा पत्र, कहा- प्रभाव के बल पर नहीं हट पा रहा कब्जा
ऐसा भी नहीं कि इसके लिए इससे पहले कोई प्रयास नहीं किया गया। अफसरों की मानें तो कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन पैरवी और प्रभाव के बल पर इस मामले को रोकवा दिया गया। इससे आयुध भंडार के आसपास अतिक्रमण जस का तस रह गया। सब एरिया और ओडी फोर्ट के अफसरों ने रक्षा संपदा विभाग को एक बार फिर पत्र लिखकर ओडी फोर्ट के आसपास से अतिक्रमण हटवाने का आग्रह किया है, ताकि सैन्य संस्थान की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का व्यवधान पैदा न हो।


इस पत्र में ओडी फोर्ट के आसपास सेना की जमीन पर ईंट-सीमेंट से तेजी से बढ़ रहे पक्के निर्माणों पर चिंता जताई गई है। हालांकि पिछले वर्षों में सेना ने कुछ पक्के अतिक्रमण हटाए भी हैं। तब सेना ने बुलडोजर चलवाकर संगम और आसपास के इलाके में धर्म की आड़ में किए गए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त करा दिया था, लेकिन, बेनी बांध से लेकर, बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट मार्ग तक अभी भी बड़े पैमाने पर कब्जा बना हुआ है।
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छह साल से अतिक्रमण हटाने के लिए जूझ रहे अफसर, नतीजा सिफर
किले में सेना के आयुध भंडार से लगे प्रतिबंधित क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए पिछले छह वर्षों से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन, रसूख और राजनीतिक दबाव के आगे नतीजा सिफर ही रहा है। कहा जा रहा है कि ऐसे में आयुध डिपो की सुरक्षा की अनदेखी किसी भी समय खतरे की घंटी साबित हो सकती है।  वर्ष 2016 से ही ओडी फोर्ट के अफसर रक्षा संपदा विभाग से पत्राचार कर रहे हैं। सेना अतिक्रमण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई को लेकर हमेशा गंभीर रही है। ओडी फोर्ट के अफसर चाहते हैं कि जितनी जल्दी हो सके, किले के आसपास से अतिक्रमण हटवा दिया जाए। साथ ही अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर मुक्त करा लिया जाए।


पैमाइश में सेना की जमीन पर पाया गया हनुमान मंदिर प्रबंधन का कब्जा
सेना के अनुरोध पर हाल में प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से कराई गई पैमाइश में संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर की भूमि पर बड़े हनुमान मंदिर प्रबंधन का कब्जा पाया गया है। प्राधिकरण ने इसकी पैमाइश कराने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी है। इससे रक्षा मंत्रालय को भी अवगत कराया गया है।
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