अब अक्साई चिन, पाक
अधिकृत कश्मीर की बारी
बाबा रामदेव बोले, सिर्फ जमीन नहीं, जमीर का मामला था 370
हरिद्वार कुंभ के पहले-पहले आरंभ हो जाना चाहिए राम मंदिर निर्माण
प्रयागराज। योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर सेे अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का केंद्र सरकार का फैसला बहुत ही साहसिक और ऐतिहासिक है। इससे कश्मीर में शांति बहाली की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। इस पहल के लिए पीएम मोदी और अमित शाह को जितनी बधाई दी जाए, कम है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) व अक्साई चिन को भी अपने कब्जे में ले।
बुधवार को चित्रकूट में स्वामी रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी के पट्टाभिषेक समारोह में शामिल होकर लौटते वक्त मठ बाघंबरी गद्दी में कुछ देर रुकने के दौरान ‘अमर उजाला‘ से मुलाकात में उन्होंने कहा, देश के लिए पांच अगस्त का दिन ऐतिहासिक हो गया। यह जमीन नहीं, जमीर का मामला था। उनका कहना था कि 370 का काम तो हो चुका, अब अक्साई चिन और पीओके की बारी है। उसका भी भारत में विलय होना चाहिए, यह हर भारतीय की अपेक्षा है। प्रधानमंत्री मोदी इन अपेक्षाओं को पूरा करेंगे, ऐसा मुझे आशा एवं विश्वास है।
राम मंदिर निर्माण के सवाल पर बोले, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से होगा। अब यदि इस मामले में न्यायालय अब और देरी करता है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण होगा। फिलहाल इस पर रोज सुनवाई हो रही है, महीने-दो महीने में न्यायालय को इस पर निर्णय दे देना चाहिए। फिर भी अगर कोई देरी होती है तो संसद... लेकिन यह कहते-कहते वह रुक गए। बोले, मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई देरी होगी। उम्मीद है कि हरिद्वार कुंभ के पहले-पहले आयोध्या में राम मंदिर निर्माण आरंभ हो जाना चाहिए।
इनसेट
देश की धरोहर थीं सुषमा
बाबा रामदेव ने सुषमा स्वराज को भी याद कि या। कहा, उनका व्यक्तित्व, चरित्र, नेतृत्व नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करेगा। वह देश की बहुत बड़ी धरोहर थीं। धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और साधु-संतों के प्रति उनके मन में अगाध श्रद्धा एवं सम्मान था। उनके जाने से व्यक्तिगत तौर और राष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ी क्षति हुई है।
मठ बाघंबरी में लिया भोजन-प्रसाद
नई दिल्ली से चलकर बाबा रामदेव दोपहर में प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां से वह सड़क मार्ग से चित्रकूट गए। वहां से लौटते हुए वह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आग्रह पर मठ बाघंबरी गद्दी पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मठ के बटुकों ने उनका स्वागत किया। कुछ देर चर्चा के बाद उन्हें चांदी की थाली में भोजन परोसा गया। विदा से पूर्व महंत नरेंद्र गिरि ने शाल ओढ़ाकर और माल्यार्पण करके उनका अभिनंदन किया। उन्होंने बाबा रामदेव को दक्षिणा भी दी लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया। इस दौरान बाबा रामदेव के साथ आश्रम के बटुकों ने सेल्फी भी खिंचवाई। आरंभ में बाबा रामदेव ने महंत नरेंद्र गिरि को बडे़ भाई कहकर संबोधित किया और पांव छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद गाड़ियों के काफिले के साथ वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
Baba Ramdev said, now Aksai Chin, turn PoK- फोटो : ALDCOMPACT
Baba Ramdev said, now Aksai Chin, turn PoK- फोटो : ALDCOMPACT