मेजा के बाबा भोलेनाथ धाम के परिसर में बनने लगा धर्मशाला। संवाद
पहाड़ी पर स्थित बाबा बोलन नाथ धाम का 1.9 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर में धर्मशाला का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को रुकने सहित कई अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
यह धाम आठ एकड़ में फैला है और यहां प्राचीन शिव मंदिर में प्रतिदिन दूर-दराज से श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। सोमवार को यहां मेला भी लगता है, जिससे यह स्थल पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पर्यटन विभाग ने कायाकल्प के लिए एक करोड़ नौ लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस रकम से धर्मशाला, शौचालय, आरओ वॉटर और एक मुख्य गेट जैसी व्यवस्थाएं अंतिम रूप लेंगी। उप जिलाधिकारी मेजा अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट पर यह राशि स्वीकृत हुई है। कायाकल्प और सुंदरीकरण के काम से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खुशी है।
मंदिर के पुजारी कल्याण दास महाराज ने काम में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की है। ग्रामीण उदयराज पांडेय ने कहा कि धर्मशाला बनने से श्रद्धालु यहां रुक सकेंगे और परिसर अच्छा दिखेगा। संगम लाल कुशवाहा ने भी पारदर्शिता से काम करने पर जोर दिया। नंदलाल चौरसिया के अनुसार, यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ी कहानियों को बयां करता है, और गेट पर महाभारत काल की कलाकृतियां दर्शाई जाएंगी।
तालाब में हर समय निकलने वाला पानी बना रहता है कौतूहल
मंदिर परिसर में बने तालाब में हर समय निकलने वाला पानी कौतूहल का विषय बना रहता है। किंवदंती है कि महाभारत काल में जब हंडिया के लाक्षागृह में पांडवों के बने राजमहल में कौरवों ने आग लगा दिया था तो पांडव सुरंग बनाकर यहां मेजा के बोलन धाम के मंदिर के पास निकले थे। पांडव को प्यास लगी तो अर्जुन ने पृथ्वी पर बाण मारकर पानी निकाला था। तभी से इस जगह से हरदम पानी निकलता रहता है। बताया जाता है कि गर्मी के मौसम में भी यह तालाब नहीं सूखता है। यह कौतूहल का विषय बना हुआ है।
मेजा के बाबा भोलेनाथ धाम के परिसर में बनने लगा धर्मशाला। संवाद
मेजा के बाबा भोलेनाथ धाम के परिसर में बनने लगा धर्मशाला। संवाद