उधर, इससे पहले रात करीब आठ बजे झलवा स्थित निजी अस्पताल में बीटेक आईटी के ही तेलंगाना के नजीमाबाद निवासी छात्र अखिल की मौत हो गई। 25 मार्च को ही वह ग्वालियर में इंटर ट्रिपलआईटी प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर आया था। साथी छात्रों ने बताया कि इसके बाद से ही उसकी तबीयत खराब थी। शनिवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
वहीं, दो साथियों की मौत की खबर मिलने पर छात्र भड़क उठे। उन्होंने हॉस्टल गेट पर ही हंगामा शुरू कर दिया। वह फैकल्टी पर उत्पीड़न, दबाव बनाने व संस्थान में सुविधाएं नहीं मिलने जैसे आरोप लगा रहे थे। मौके पर पहुंचे संस्थान के प्रोफेसरों व अफसरों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। सुबह छह बजे तक छात्र प्रदर्शन करते रहे और फिर बहुत समझाने पर शांत हुए।
सेमेस्टर परीक्षा में आया था बैक
पिता कृष्ण प्रसाद ने बताया कि पांच महीने पहले ही राहुल का दाखिला हुआ था। तीन विषयों में फेल होने की वजह से उसका सेमेस्टर परीक्षा में बैक लग गया था। हालांकि, वह इसे लेकर परेशान है, यह कभी नहीं बताया। आरोप लगाया कि संस्थान के शिक्षकों ने बताया कि राहुल की अटेंडेंस भी शाॅर्ट थी। वह तीन महीने से कक्षा में नहीं आ रहा था, हालांकि इसकी सूचना कभी उन्हें या उसकी मां को नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि रविवार को राहुल का बर्थडे था।
एक छात्र ने खुदकुशी की है, दूसरे की बीमारी से मौत की बात बताई जा रही है। सुसाइड करने वाले छात्र का पोस्टमार्टम कराया गया है। दूसरे का पीएम सोमवार को होगा। - अभिषेक भारती, डीसीपी नगर
संस्थान की ओर से दो जांच कमेटियां गठित
ट्रिपलआईटी के पीआरओ पंकज मिश्रा ने बताया कि छात्र की खुदकुशी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दिव्यांग छात्रों के लिए संस्थान की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। जानकारी में आया है कि छात्र ने अपनी मां को एकेडमिक प्रेशर में होने की बात मैसेज में भेजी है। मामले में कार्यवाहक निदेशक ने तीन वरिष्ठ प्रोफेसरों की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की है। जिसे एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा गया है। एक फैक्ट फाइंडिंग सब कमेटी भी गठित की गई है, जो छात्रों की ओर से उठाई गई समस्याओं और मुद्दों पर जांच कर रिपोर्ट देगी।