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बी.म्यूज के छात्रों का हंगामा, नहीं हुई परीक्षा

Mon, 23 Mar 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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प्रवेश पत्र नहीं मिलने से नाराज इलाहाबाद विश्वविद्यालय संगीत विभाग के बी.म्यूज और एम.म्यूज के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। छात्रों के विरोध की वजह से परीक्षा भी नहीं हो पाई। विद्यार्थियाें ने आगे भी परीक्षा के बहिष्कार की घोषणा की है। उनका कहना था कि जब तक अतिरिक्त फीस का प्रावधान समाप्त नहीं हो जाता वे परीक्षा नहीं देंगे। इसके लिए उन्होंने कार्यपरिषद की आकस्मिक बैठक बुलाने की भी मांग की। इसके विपरीत परीक्षा विभाग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एग्जाम कराने पर अड़ा है। ऐसे में गतिरोध बना हुआ है।
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विभाग में बी.म्यूज की सोमवार से परीक्षा शुरू होनी थी लेकिन छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र ही वितरित नहीं किया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने विभाग की ओर से निर्धारित 1250 रुपये फीस जमा नहीं की है। विभागाध्यक्ष की ओर से कहा गया कि जब तक विद्यार्थी फीस जमा नहीं कर देते उन्हें प्रवेश पत्र वितरित नहीं किया जाएगा। शिक्षकों का यह भी कहना था कि यह फीस लिए जाने की अनुमति 2003 में कार्यपरिषद ने दी थी। इसके विपरीत छात्र-छात्राओं का कहना था विभाग के स्तर किसी तरह का फीस लिया जाना नियम के विरुद्ध है। विरोध में छात्रों ने पहले विभाग में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर के अलावा परीक्षा नियंत्रक, विभागाध्यक्ष तथा अन्य शिक्षक  भी मौजूद रहे। विरोध प्रदर्शन के बीच ही परीक्षा की अवधि निकल गई। इसकी वजह से सोमवार की परीक्षा बाद में कराने का निर्णय लिया गया।

 डीन से वार्ता के बाद अफसरों ने निर्णय लिया कि परीक्षा करा ली जाए लेकिन रिजल्ट घोषित न किया जाए। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एचएस उपाध्याय ने बताया कि बी.म्यूज और एम.म्यूज के विद्यार्थियों से अलग से फीस लिए जाने का निर्णय कार्यपरिषद में हुआ था। इसलिए आगे कोई निर्णय कार्यपरिषद ही ले सकती है। इसकी वजह से कार्यपरिषद का निर्णय आने तक  रिजल्ट रोकने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को प्रवेश पत्र वितरित कर दिया जाएगा। इसके विपरीत छात्र-छात्राओं ने आगे भी परीक्षा न देने की घोषणा की। उनका कहना था कि 25 मार्च को कुलपति लौट आएंगे। इसके बाद एक-दो दिन में कार्यपरिषद की बैठक बुलाकर अतिरिक्त फीस का प्रावधान समाप्त किया जाए। इसके बाद ही वे परीक्षा देंगे। उन्होंने इस आशय का ज्ञापन भी शिक्षकों को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में छात्रसंघ के सांस्कृतिक मंत्री अंकुश यादव, दीपक द्विवेदी, दीप सिंह, श्रीश द्विवेदी, शिवम कुशवाहा आदि शामिल रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा में इस बार ऑनलाइन प्रवेश पत्र की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत अन्य विषयाें के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र तो ऑनलाइन हो चुके हैं लेकिन बी.म्यूज के छात्र-छात्राओं को अलग रखा गया। इस दोहरी नीति की वजह से परीक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा हो गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि आखिर प्रवेश पत्र ऑनलाइन क्यों नहीं किया गया। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि बी.म्यूज की परीक्षा में प्रैक्टिकल का अधिक महत्व है। इसकी वजह से इनका प्रवेश पत्र ऑनलाइन नहीं किया गया। हालांकि विद्यार्थी इससे संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि ज्यादातर विषयों की प्रायोगिक परीक्षा का प्रावधान है लेकिन उनके प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी किए गए, फिर उनके साथ यह भेदभाव क्यों।
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