शहर के केपी कालेज के मैदान में शनिवार को आयोजित जनसभा में सपा के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खां ने आरएसएस, प्रधानमंत्री मोदी, बसपा मुखिया मायावती, इमाम बुखारी समेत भाजपा नेताओं पर तीखा हमला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके निशाने पर रहे। आजम ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को फकीर कहते हैं और ढाई साल में उन्होंने 80 करोड़ के कपड़े पहन डाले।
सपा प्रत्याशी नागेंद्र सिंह यादव मुन्ना के समर्थन में आयोजित जनसभा में आजम ने नोटबंदी के दौरान हुई लोगों की परेशानी पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि अडानी, अंबानी व विजय माल्या का करोड़ों रुपये का कर्ज माफ करने वाली केंद्र सरकार ने आम जनता को रुपये के लिए जान देने पर मजबूर कर दिया। बादशाह ने लोगों के खाते में 20 लाख भेजने का वादा किया था, वह पूरा नहीं हो सका। भाजपा व आरएसएस लोगों को गलत तहजीब सिखा रहे हैं। एक साध्वी ने कहा कि नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या नहीं की होती तो देश के सभी हिन्दू मक्का मदीना में नमाज पढ़ रहे होते।
यह साध्वी के विचार नहीं हो सकते। दादरी, मुजफ्फरनगर का जिक्र करते हुए कहा कि इसे 2017 का नहीं बल्कि 2019 का चुनाव मानकर चलें। कहा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मुझे गुंडा बोलते हैं। जबकि महागुंडे का तगमा उन्हें कोर्ट ने दिया है। उनके गुजरात में घुसने पर रोक लग गई थी। आजम ने भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया। कहा कि उनकी सीधी खोपड़ी में भेजा नहीं है। इसलिए वे अनाप-शनाप बोलते रहते हैं। ऐसे लोगों की नापाक कोशिशों को नेस्तनाबूद करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए।
बसपा मुखिया मायावती पर हमला बोलते हुए कहा कि सौ मुसलमानों को टिकट उनकी बर्बादी के लिए दिए हैं। सपा सरकार में जो जौहर विवि बना उस पर बसपा सरकार ने बुलडोजर चलवाया था। अकबरपुर का नाम बदल दिया। इमाम बुखारी के फतवे पर तंज कसते हुए कहा कि जिनका कोई काम नही है, वह चुनाव के समय अनाप शनाप काम करने लगते हैं। वह भी अपने फायदे के लिए। ऐसे लोगों को उनकी हद में लाना भी सभी की जिम्मेदारी है। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल, महासचिव इरशाद सिद्दीकी, पूर्व सांसद सीएन सिंह, पूर्व विधायक श्याद अली, अच्छन मामा, महिमा गुप्ता, अनूप पांडेय, शमीम खां समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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वकील कमजोर हुआ तो तुम भी संभल न पाओगे
सपा नेता आजम खां ने कहा कि वह प्रदेश ही नहीं पूरे देश में समाज के लोगों के हित में वकील बनकर खड़े हैं। उनकी आवाजों को दबने नहीं देते। इस चुनाव में यदि अपने वकील की बात समझने में मुसलिम समाज ने थोड़ी भी नादानी की तो लोगों को संभलना मुश्किल हो जाएगा।
चुनाव के पहले सपा में मचे घमासान को लेकर वह बेहद दुखी थे। सब बंटते रहे लेकिन वह अकेले ही दोनों के पास पहुंचे। उनके बीच की दूरियों को कम किया। खुदा पर पूरा भरोसा था और आखिर में सच की जीत हुई। सपा में आई खटास को दूर करने के लिए उन्होंने पुल का काम किया। जो एक सच्चे सिपाही को करनी चाहिए थी।
केपी कालेज के ग्राउंड पर होने वाली जनसभा को संबोधित करने पहुंचे सपा के कद्दावर नेता आजम खां हेलीकाप्टर से उतरे। इस बीच सपाइयों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। अचानक उन्हे धक्का लगा। यह देख वह नाराज हुए और बोले कि यहीं से लौट जाऊं। सपा प्रत्याशी ने ऐसे लोगों को फटकार लगाकर पीछे किया। इसके बाद वह मंच पर पहुंच सके। इस दौरान सपाई धक्कामुक्की करते नजर आए।
सपा नेता हेलीकाप्टर से नीचे उतरे और मंच पर पहुंचे। मंच पर मौजूद नेता स्वागत व मिलने मिलाने के लिए आगे आए। तभी आजम खां ने माइक संभाल कर भाषण देना शुरू कर दिया। मंच पर खड़े व सामने मौजूद लोगों को बैठने के लिए कहा। भाषण की शुरूआत में बोले कि वोट हल्के में न लें। इसके लिए सभी को सजग रहना होगा। हमारी दीवार एक दूसरे से मिली होती हैं। इसलिए छोटे मतभेदों को भुलाकर साथ रहना होगा।