अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर सोमवार को उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। चंद्रशेखर आजाद पार्क में जुटे विभिन्न वर्ग के लोगों ने फूल-मालाएं चढ़ाकर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तो युवाओं ने आजाद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए मातृभूमि के लिए उनकी शहादत को बेकार नहीं जाने देने का संकल्प लिया। पूरे दिन आजाद प्रतिमा स्थल पर उन्हें नमन करने के लिए आने वालों का तांता लगा रहा।
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह स्मारक समिति की ओर से इंकलाब जिंदाबाद के नारों के बीच आजाद प्रतिमा पर फूल चढ़ाए गए। उत्तर प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल केजवानों की ओर से 21 गनशाट फायर कर और सम्मान गारद की ओर से सलामी दी गई। पुलिस बैंड की ओर से राष्ट्रधुन बजाकर प्रदेश शासन की ओर से नमन किया गया। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों की ओर से गायन, वादन, नृत्य के विविधितापूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
बतौर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने कहा, युवाओं को आजाद के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। मंडलायुक्त राजन शुक्ल ने कहा, देश अभिमान के कार्यों ने उन्हें महानायक और अमर शहीद बना दिया। आजाद के शहादत दिवस पर डॉ.नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने उनके बलिदान और कार्यक्रम अध्यक्ष राजू जायसवाल ‘मरकरी’ ने उनकी राष्ट्रभक्ति को याद किया।
इसी क्रम में कवि सम्मेलन ‘शब्द गर्जना’ के तहत पूर्व मंडलायुक्त बादल चटर्जी ने राष्ट्रभक्ति गीत और शायरों नजीब इलाहाबादी, नायाब बलियावी, डॉ.चेतना पांडेय, विनय शुक्ला, प्रख्यात मिश्रा, विनय बागी, शैलेंद्र मधुर आदि ने शहीदों को समर्पित रचनाएं सुनाकर तालियां बटोरीं। संचालन राज बहादुर गुप्ता और धन्यावाद ज्ञापन प्रो.श्रीबल्लभ ने किया। कार्यक्रम में नगर मजिस्ट्रेट अंबरीश श्रीवास्तव, उपकुलसचिव डॉ.दीप्ति मिश्रा, प्रो.श्यामबिहारी, पूर्व सांसद रामनिहोर राकेश, श्यामकृष्ण पांडेय, विशाल गुप्ता, अमरवैश्य मुन्ना भइया आदि मौजूद थे।