इन दो प्रमुख कारणों को आधार बनाते हुए एक लाख 62 हजार 800 आयुष्मान कार्ड को निरस्त कर दिया गया। वहीं मुसीबत के समय पांच लाख के इलाज की आस लगाए बैठे गरीब आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह एक बड़ा झटका है। क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि उनका कार्ड निरस्त किया जा चुका है। ऐसे में जब वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, तो कई दिन या फिर कई महीनों के बाद बताया जाता है कि आपका कार्ड निरस्त कर दिया गया है।
यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है। इसके बाद प्राइवेट अस्पताल संचालक आयुष्मान के मरीजों को भर्ती करने से कतराने लगे हैं। उनका कहना है कि पांच से छह महीने के बाद केस कैंसिल हो रहे हैं। ऐसे में वह लाखों की चोट खाकर बैठे हैं। वह इसकी भरपाई करें तो कैसेे करें।
तीन श्रेणियों के लाभार्थी
आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार बीपीएल कार्ड धारक, लाल अंत्योदय कार्ड धारक और भवन एवं सन्निर्माण के लोग शामिल हैं।
शादी-शुदा लड़कियों और वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड अधिक निरस्त हो रहा है। वहीं जानकारी के अभाव में मरीज और अस्पताल प्रशासन के बीच आए दिन मतभेद पैदा हो रहा है। प्रशासन द्वारा पत्र के माध्यम से इस समस्या के समाधान को लेकर सांची को पत्र लिखा गया है। - डॉ.राजेश सिंह, एसीएमओ।